बाड़मेर

साध्वी प्रेम बाईसा पंचतत्व में विलीन, पैतृक गांव में दी गई समाधि, बेटी की मौत की वजह पर पिता ने तोड़ी ‘चुप्पी’

कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा का शुक्रवार को पैतृक गांव परेऊ में धार्मिक विधि से अंतिम संस्कार किया गया। जोधपुर में संदिग्ध हालात में हुई मौत को लेकर साधु-संतों और परिजनों ने सवाल उठाए हैं। मेडिकल जांच की मांग के बीच हजारों श्रद्धालु अंतिम विदाई में शामिल हुए।
3 min read
Jan 30, 2026
साध्वी प्रेम बाईसा को दी गई समाधि (फोटो- पत्रिका)

Sadhvi Prem Baisa: भजन गायिका साध्वी प्रेम बाईसा का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव परेऊ में राजकीय और धार्मिक विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनके पार्थिव देह को उनके द्वारा ही स्थापित 'शिव शक्ति धाम' आश्रम में समाधि दी गई। इस दौरान माहौल गमगीन रहा और हजारों की संख्या में श्रद्धालु व साधु-संत मौजूद रहे।

अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए विभिन्न अखाड़ों और मठों से बड़े धर्मगुरु पहुंचे। मेवाड़ महामंडलेश्वर ईश्वरीय नंदगिरी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, प्रेम बाईसा केवल एक पिता की संतान नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म की बेटी थी। उन्होंने बचपन से ही धर्म के वस्त्र धारण कर सनातन का प्रचार किया।

मौत पर उठे सवाल, मेडिकल जांच की मांग

साध्वी की मृत्यु को लेकर साधु-संतों और परिजनों ने गहरा संदेह जताया है। ईश्वरीय नंद गिरी जी ने 'इंजेक्शन' से हुई मौत के जिक्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेडिकल विभाग को इसकी बारीकी से जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाईसा हमेशा खुशमिजाज रहती थीं, ऐसे में उनकी अचानक मौत समझ से परे है।

साध्वी के पिता विरमनाथ ने भी अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी इस घटना के लिए दोषी है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। साध्वी के पिता ने भावुक होकर मीडिया के सामने गलत इंजेक्शन लगाने से मौत होने को बात कही। पिता ने कहा कि हर तरह की मेडिकल जांच करवाने के लिए तैयार हूं, प्रशासन जो कहेगा वहां साइन करने को तैयार हूं। डॉक्टर के गलत इंजेक्शन के बाद ही तबियत खराब हुई और मौत हो गई।

रात भर होता रहा भजन कीर्तन

28 जनवरी को जोधपुर में हुए निधन के बाद पोस्टमॉर्टम कर शव कल देर रात परेऊ लाया गया। जैसे ही एंबुलेंस आश्रम पहुंची, पिता विरमनाथ अपनी बेटी के पार्थिव शरीर को देख बिलख पड़े। इस दौरान परेऊ सरपंच बांकाराम सहित अन्य ग्रामीणों ने उन्हें ढाढस बंधाया। पूरी रात आश्रम में भजनों का दौर चलता रहा और सुबह विधि-विधान के साथ समाधि की रस्म पूरी की गई।

दो वर्ष की आयु में सिर से उठा था मां का साया

साध्वी प्रेम बाईसा का जीवन संघर्ष और भक्ति से भरा रहा। मूलतः परेऊ निवासी प्रेम बाईसा ने मात्र 2 वर्ष की आयु में अपनी मां को खो दिया था। पिता विरमनाथ उन्हें जोधपुर के गुरुकृपा आश्रम ले गए, जहां संत राजाराम जी महाराज और संत कृपाराम जी महाराज के सान्निध्य में उन्होंने शिक्षा ली।

अपने मधुर भजनों और भागवत कथा के कारण वे कम समय में ही देश-विदेश में लोकप्रिय हो गईं। जोधपुर के पाल रोड स्थित उनके 'साधना कुटीर' आश्रम के उद्घाटन में बाबा रामदेव सहित कई दिग्गज संत पहुंचे थे। साध्वी के निधन से परेऊ गांव और उनके अनुयायियों में गहरा शोक है। अब सबकी नजरें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके।

समाधि के दौरान जसनाथी संप्रदाय मठाधीश महंत मोटनाथ महाराज, जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर ईश्वरीनंद गिरी मेवाड़, चेतनगिरी मोकलसर, कथाव्यास कौशिक महाराज जोधपुर, संत रामप्रकाश महाराज, संत प्रेमहरि महाराज, नागेंद्र भारती महाराज, गतपत भारती महाराज पाटोदी, संत अक्रिया महाराज जोधपुर, कथावाचक बलदेव शास्त्री, तगभारती महाराज कुडी़ मठ, जेठनाथ महाराज कोलू, जोगभारती महाराज दूधवा और पूरनाथ महाराज सहित सैकड़ों की संख्या में भक्त समाधि स्थल पर मौजूद रहे।

Updated on:
30 Jan 2026 02:59 pm
Published on:
30 Jan 2026 02:59 pm
Also Read
View All
Rajasthan Nikay Election: बाड़मेर में किसी भी वर्ग का दावेदार लड़ सकेगा चुनाव, पिछले 3 चुनावों से कांग्रेस का बोर्ड

Balotra: हाईटेक सुरक्षा को भी दिया चकमा, गड्ढा खोदकर रिफाइनरी की 700 KM लंबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन से चुरा लिया 2 टैंकर तेल

Inter-State Oil Theft Gang: गहरा गड्ढा खोदकर राजस्थान की HPCL रिफाइनरी से क्रूड ऑयल चोरी करने वाले 8 लोग गिरफ्तार, 2 टैंकर तेल बेचने का हुआ खुलासा

Rajasthan: निकाय-पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में फिर उभरी गुटबाजी, मेवाराम जैन समर्थकों के साथ जयपुर पहुंचे

बच्चा न होने पर बहू का कत्ल: बाड़मेर में दहेज लोभी पति और सास-ससुर करते थे प्रताड़ित, कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला