- सीमावर्ती क्षेत्र की 28 ग्राम पंचायतों में नहीं विज्ञान विषय
गडरारोड़/बाड़मेर. प्रदेशभर में जहां बारहवीं विज्ञान के परिणाम को लेकर उत्साह था यहां बॉर्डर के विद्यार्थियों में मायूसी रही। यहां 28 ग्राम पंचायतों में 27 उच्च माध्यमिक विद्यालय है लेकिन कहीं पर भी विज्ञान विषय नहीं है। हर साल 5000 से अधिक विद्यार्थी दसवीं उत्तीर्ण करते हैं। इनको विज्ञान विषय की पढ़ाई करनी हों तो उपखण्ड मुख्यालय गडरारोड़ से 100 किमी दूर बाड़मेर जाना पड़ता है और बॉर्डर की बड़ी ग्राम पंचायत सुंदरा के लोगों के लिए तो बाड़मेर 170 किमी दूर पड़ता है। एेसे में अधिकांश होनहार विद्यार्थी विज्ञान का मानस छोड़कर कला की पढ़ाई मन मसोस कर करते हैं। आर्थिक पिछड़ापन होने से अभिभावकों के लिए भी बाड़मेर शहर में रखकर विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाना मुश्किल नहीं हो रहा है।
उपखण्ड मुख्यालय पर रही है मांग- गडरारोड़ उपखण्ड मुख्यालय पर विज्ञान वर्ग खोलने की मांग लंबे समय से रही है। यहां से प्रतिभाओं को पढऩे का समुचित अवसर मिले और विशेषकर बालिकाओं के लिए विज्ञान विषय मुख्यालय पर हों तो सहूलियत रहती है। होनहार विद्यार्थी विज्ञान का मानस छोड़कर कला की पढ़ाई मन मसोस कर करते हैं। आर्थिक पिछड़ापन होने से अभिभावकों के लिए भी बाड़मेर शहर में रखकर विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाना मुश्किल नहीं हो रहा है।
विज्ञान विषय तो हों- क्षेत्र में विज्ञान विषय और कॉलेज दो मांग लंबे समय से की जा रही है। राज्य सरकार को सीमावर्ती क्षेत्र के लिहाज से प्राथमिकता देनी चाहिए।-हिन्दू सिंह तामलोर, सरपंच
सरकारी स्कूलों ने जड़ा शतक
बाड़मेर.जिले के सरकारी स्कूलों ने विज्ञान और वाणिज्य विषय में करीब 20 विद्यालयों का परिणाम शत प्रतिशत रहा है। निजी स्कूलों की प्रतिस्पर्धा में इन विद्यालयों का परिणाम बेहतर रहने पर ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढऩे का अवसर मिला है।
यहां रहा शत प्रतिशत परिणाम(विज्ञान)
स्कूल विद्यार्थी
धोरीमन्ना- 4
पाटोदी- 3
भीमथल- 12
हरसाणी फांटा- 15
खत्रियों की बेरी- 19
साता- 13
शिवकर-18
लंगेरा- 14
नौसर- 14
परेऊ- 22
सोहड़ा-22
हरपालिया-7
यहां रहा शत प्रतिशत परिणाम(विज्ञान)
स्कूल विद्यार्थी
अंतरीदेवी-2
गांधीचौक- 19
बिशाला-2
मोकलसर-7
पचपदरा- 4
सरणू- 9