-बाड़मेर में तीसरे फेज का चल रहा है काम- सीवरेज परियोजना का मामला - कई वार्डों में होदी बनाई, फिर भी नहीं जोड़े कनेक्शन- गुणवत्ता पर भी सवाल
बाड़मेर. सरकारी कार्यो में बिना सोचे-समझे किस तरह सरकारी धन का दुरुपयोग होता है इसका नमूना देखना है तो बाड़मेर शहर में सीवरेज परियोजना के कार्य में नजर आता है।
यहां नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी आंखें बंद कर सीवरेज का काम करवा रहे हैं। सीवरेज कार्य को लेकर लोगों की हर दिन शिकायतें भी मिल रही हैं, लेकिन नगर परिषद को जनता के दर्द की परवाह नहीं है।
नगर परिषद ने शहर के 16 वार्डो में सीवरेज कनेक्शन जोडऩे के नाम पर दो करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं। लेकिन उसका परिणाम नहीं मिल पाया है।
जगह-जगह होदियां बनाकर काम अधूरा छोड़ दिया है। काम अधूरे रहने से 12 वार्डों में होदी व कनेक्शन जोडऩे के लिए 50 लाख रुपए का टेंडर जारी किया है।
करोड़ों के कार्य फेल
शहर में सीवरेज पूरी तरह फेल नजर आ रहा है। कहने को तो जिम्मेदार अधिकारी बोल रहे हैं कि कनेक्शन जोड़ दिए हैं। लेकिन हकीकत में सीवरेज के कनेक्शन जोडऩे के नाम पर खानापूर्ति की गई है। शहर में सीवरेज कार्य में गुणवत्ता भी गोल कर रखी है। कई बार पार्षदों के ऐतराज के बाद भी सुधार नहीं हुआ है।
गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा
शहर में नगर परिषद जितना काम करवाने का दावा कर रही है, उसका 20 प्रतिशत काम नहीं हुआ है। सीवरेज कार्य में गुणवत्ता का बिलकुल ध्यान नहीं रखा। यहां बिना सोचे-समझे ठेकेदार कार्य कर रहे हैं।
- नरेश देव सारण, पार्षद
- सीवरेज के नाम करोड़ों मिट्टी में मिलाए
नगर परिषद ने सीवरेज के नाम पर करोड़ों रुपए का बजट मिट्टी में मिला दिया है। जगह-जगह होदियां बनाकर छोड़ दी हैं। लोगों को कोई राहत नहीं मिली है।
- सुरतानसिंह, पार्षद
कनेक्शन हुए हैं
सीवरेज के कनेक्शन हो रहे हैं। कई वार्डो में कनेक्शन हो गए हंै। कुछ में काम अधूरा है, उसके लिए 50 लाख का टेंडर जारी किया है।
- पुरखाराम, कनिष्ठ अभियंता, नगर परिषद, बाड़मेर