
बाड़मेर. भाजपा में टिकट वितरण के बाद शनिवार को बड़ा झटका लगा है। चौहटन के विधायक तरूणराय कागा ने भाजपा छोड़ दी है और सक्रिय राजनीति से भी संन्यास की घोषणा कर दी है। पाक विस्थापित कागा का पार्टी छोडऩा भाजपा के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी ने बाड़मेर जैसलमेर में तीन विधायकों के टिकट काटे है, इसमें से तरूणराय कागा एक थे। कागा ने इसको लेकर बुझे-बुझे थे। यहां आदूराम मेघवाल को टिकट दिया गया है। आदूराम कागा से मिलने पहुुंचे थे, जहां पर भी उन्होंने प्रत्याशी को समर्थन देने की बात पर टिप्पणी नहीं की थी। कागा ने शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और संन्यास की घोषणा कर दी है।
मौजूदा विधायक-
तरूणराय कागा मौजूदा विधायक है। वे सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आए थे। गंगाराम चौधरी ने उनको पहला चुनाव लडऩे को प्रेरित किया था।
वे बतौर निर्दलीय चुनाव लड़े। इस वजह से अब्दुल हादी के सामने गंगाराम चौधरी की जीत हुई थी। दूसरी बार तरूणराय कागा को भारतीय जनता पार्टी से टिकट मिला। तरूणराय कागा ने यहां से जीत दर्ज की थी।
पाक विस्थापित है कागा-
तरूणराय कागा 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान छोड़कर भारत आए थे। यहां उन्होंने सरकारी सेवाएं दी। इसके बाद राजनीति में आए। 1971 के बाद भारत आए पाक विस्थापितों में वे पहले राजनीतिज्ञ है जो विधायक बने। कागा की पाक विस्थापित परिवारों के वोटों पर अच्छी पकड़ है।
मुश्किल में भाजपा-
आदूराम मेघवाल बाहरी प्रत्याशी है। यहां भाजपा से तरूण राय कागा का दूर होना उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। आदूराम के लिए कागा की नाराजगी को दूर करने की अब तक की कोशिश नाकामयाब रही है।
विधानसभा क्षेत्र- चौहटन
तरूणराय कागा
सीट- आरक्षित
उम्र- 70
पेशा- सेवानिवृत कर्मचारी
राजनीतिक अनुभव-15 साल
विधायक रहे- 2013
चुनाव लड़ा- 2008
वंशवाद- नहीं
मजबूत पक्ष
- पाक विस्थापित परिवारों में अच्छी पैठ
- साफ छवि और जनता से सीधे संपर्क की राजनीति