बाबा रामदेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन पंचवटी आश्रम समदड़ी के स्वामी कृष्णानन्दपुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रवचन दिया.
समदड़ी.मनुष्य जैसा कर्म करेगा, उसे वैसा ही फल मिलेगा । निंदा के समान कोई पाप नहीं है। जो दूसरों को बिना वजह पीड़ा पहुंचाते हैं, वह भी पाप की श्रेणी में आता है । होतरड़ा गांव में चल रहे बाबा रामदेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन पंचवटी आश्रम समदड़ी के स्वामी कृष्णानन्दपुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि मानव जीवन दुर्लभ है। हमें एक अच्छे कुल में जन्म मिला है। इस पर सेवा व परोपकार के कार्य करें।जीवन को धार्मिक कार्यों व प्रभु भक्ति में लीन कर सार्थक बनाएं। अच्छे कर्म करने से धर्म,अर्थ, काम, मोक्ष आदि सुलभ होते हैं । भक्ति के कारण ही भारत भूमि महान है । बिना भगवान की प्राप्ति किए अनन्त सुखों की प्राप्ति संभव नहीं है । मनुष्य जीवन में परिश्रम कर जितना धन कमाता है, उसका दस प्रतिशत हिस्सा पुण्य, परोपकार,दान एवं सत्कार्य में लगाएं। इससे धन की शुद्धि होती है । आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में खाद व रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल बढ़ गया है। इससे तैयार अनाज व फल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने माता, पिता, गुरू व गाय की सेवा करने की बात कही। भलरो का बाड़ा महंत अर्जुनभारती ने आशीर्वाद प्रदान किया ।
मंदिर प्रतिष्ठा में लगे जयकारे
- जागरण में झूमे श्रद्धालु
बालोतरा. शहर के वार्ड संख्या 26 सांकरणा में नव निर्मित भेरूजी,बालाजी, रामदेवजी, महादेवजी व नागदेवता के मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव सम्पन्न हुआ। हनुमान बगीची गादीपति नरसिंग दास महाराज समदड़ी, महामंडलेश्वर राघवदास महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कांतिलाल टाक ने बताया कि आचार्य सुरेन्द्र दवे के मंत्रोच्चार पर विधि विधान व गाजे बाजे से मंदिर में देव प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा करने के साथ जयकारे लगाए। इसके बाद महाआरती उतार कर महाप्रसादी का भोग लगाया। लाभार्थी ने मंदिर शिखर पर दण्ड , कलश व ध्वजा चढ़ाई। दशामाता का सामूहिक उद्यापन का आयोजन हुआ। रात्रि जागरण में गायक जबराराम माली ने भजन प्रस्तुत किए। नगर परिषद सभापति रतनलाल खत्री,विकास अधिकारी सांवलराम चौधरी, उपसभापति राधेश्याम माली,भाजपा नेता खेताराम प्रजापत,गोविंदसिंह कालूड़ी,हितेश पटेल, बजरंग पालीवाल, पार्षद चंपालाल सुंदेशा ,श्रवण माली,धनराज टॉक, भेराराम,बाबूलाल, पारसमल, विजयराज, आदि मौजूद थे।