बाड़मेर पत्रिका. शहर के वार्ड संख्या 27 में बने 3 तीन सुलभ शौचालयों में से एक पर लम्बे समय से ताला लटक रहा है, जबकि अन्य दो कि हालत इतनी खराब है कि यहां पर खड़ा रहना मुश्किल है।
स्वच्छता और व्यवस्था को आईना दिखाते शहर के सुलभ कॉम्पलेक्स
-सफाई की उपेक्षा
-देखरेख करने वाला भी नहीं
-नगर परिषद करती है संचालन
बाड़मेर पत्रिका. शहर के वार्ड संख्या 27 में बने 3 तीन सुलभ शौचालयों में से एक पर लम्बे समय से ताला लटक रहा है, जबकि अन्य दो कि हालत इतनी खराब है कि यहां पर खड़ा रहना मुश्किल है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के साथ आसपास के दुकानदारों व मोहल्लेवासियों के लिए समस्या हो गई है। यहां पर कच्ची बस्ती होने के कारण अधिकांश लोग खुले में शौच जाने को मजबूर है।
केस 1
तिलक बस स्टैंड में बना सुलभ कॉम्पलेक्स नाला निर्माण कार्य के चलते लगभग 2 माह से बंद है। यहां पर निजी बस स्टैंड, निजी अस्पताल, टैक्सी स्टैंड सहित आसपास के दुकानदारों के लिए कॉम्पलेक्स बंद होने से परेशानी हो गई है।
केस 2
आदर्श स्टेडियम गेट पर बना महिला सुलभ कॉम्पलेक्स लम्बे समय से बदहाली का शिकार है। यहां सभी शौचालय गंदगी से भरे हुए हैं। पानी व टोंटी का नामोनिशान तक नहीं है। वाशबेसिन तो नाम का रह गया है।
केस 3
आदर्श स्टेडियम स्टेडियम के किनारे पर बने सुलभ शौचालय में पानी की कमी के चलते सफाई नहीं हुई है। यहां पर खड़ा रहना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में वार्ड के महिला-पुरुष खुले में शौच जाने को मजबूर है।
फिर कैसे होगा स्वच्छ भारत मिशन
नगर परिषद की मॉनिटरिंग के अभाव में तीनों शुलभ कॉम्पलेक्स में साफ-सफाई नहीं होने के कारण लोग खुले में शौच जाने को मजबूर है। सफाई के अभाव में शौचालय उपयोग लायक नहीं है। वहीं, सफाई को लेकर कर्मचारी एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ते नजर आते हैं।
बोले लोग
-बस स्टैंड में नाला निमार्ण कार्य के चलते लगभग 2 माह से शौचालय पर ताले लटक रहे हैं। आमजन को परेशानी हो रही हैै।
मदनलाल
-स्टेडियम में बने शौचालय में पानी व सफाई नहीं है। अंदर पैर रखना तक मुश्किल हो रहा है।
खीमाराम
-महिला शौचालयों में वाशबेसिन नाम के लगे हैं। कई महीनों से सफाई नहीं हुई है। परेशानी हो रही है।
नैना
-कॉम्पलेक्स में व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। नगर परिषद को कई बार अवगत करवाया, सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में लोग खुले में शौच जाते हैं।
प्रकाश लौहार