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रेशमा को नसीब हुई देश की माटी, लोगों ने कहा, शुक्रिया पत्रिका, यूं चला पूरा घटनाक्रम

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barmer reshma

जयपुर। आखिरकार रेशमा को देश की माटी नसीब हो गई। सात दिनों तक चली इस मुहिम का राजस्थान पत्रिका ने आगाज किया जो रेशमा की अंतिम इच्छा पूरी होने पर समाप्त हुआ। इस मुहिम के बाद सभी लोग और परिजन राजस्थान पत्रिका को शुक्रिया अदा कर रहे हैं। जब पहली बार यह सूचना मिली की रेशमा इंतकाल पाकिस्तान में हो गया है। और उसकी ख्वाहिश थी कि उसके शव को भारत में सुपुर्द ए खाक किया जाए ता पत्रिका ने उस भावना को पूरा सम्मान दिया और रेशमा के शव को भारत लाने की मुहिम शुरू की।

पत्रिका ने यों अंजाम तक पहुंचाई मुहिम
राजस्थान पत्रिका ने 27 जुलाई के अंक में 'बाड़मेर की महिला का पाकिस्तान में इंतकाल, कैसे लाएंगे शव, परिजन परेशान' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इसे विदेश मंत्री को ट्वीट किया था। 27 जुलाई को ही पाकिस्तान से शव लाने की इजाजत मिल गई लेकिन परिजन ने वीजावधि बढ़ाने के लिए कागजात पाक एम्बेसी में जमा करवा दिए थे। इस कारण 28 जुलाई को थार एक्सपे्रस तक नहीं पहुंच पाए, हालांकि इसके लिए 1.30 घंटा थार एक्सप्रेस को रोका भी गया। इसके बाद भी पत्रिका ने लगातार समाचार प्रकाशित कर मुहिम जारी रखी।

यूं चला घटनाक्रम
25 जुलाई को बाड़मेर की रेशमा का पाकिस्तान में निधन
27 जुलाई को राजस्थान पत्रिका में 'बाड़मेर की महिला का पाक में इंतकाल, परिजन परेशान कैसे आएगा शव?' समाचार प्रकाशित
27 जुलाई को सुबह पत्रिका ने इस खबर को किया विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट, स्वराज ने इसे रीट्वीट कर मदद के दिए निर्देश
27 जुलाई को शाम को ही मिल गई शव लाने की अनुमति
28 जुलाई को वीजा कागजात में देरी से थार एक्सप्रेस चूक गए परिजन, फिर सड़क मार्ग से लाने के प्रयास हुए शुरू
30 जुलाई को हुआ एेतिहासिक निर्णय, मुनाबाव बॉर्डर से शव लाने की मिली अनुमति
31 जुलाई दोपहर 1.10 बजे मुनाबाव बॉर्डर से भारत पहुंचा रेशमा का शव

टर्निंग पॉइंट बना सुषमा का ट्वीट
इस पूरी मुहिम ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बड़ा योगदान रहा। जैसे ही राजस्थान पत्रिका डॉट कॉम ने खबर को प्रकाशित की तो सुषमा स्वराज ने तुरंत ट्विटर पर ट्वीट कर हर सहयोग का विश्वास दिलाया। विदेश मंत्री ने राजस्थान पत्रिका की खबर को रीट्वीट करते हुए पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को इस परिवार की सहायत करने को कहा।

विदेश मंत्रालय ने पत्रिका से मांगी विस्तृत जानकारी
इसके बाद विदेश मंत्रालय की अंडर सेक्रेटरी (पाकिस्तान) सोम्या सी ने राजस्थान पत्रिका से इस मामले की विस्तृत जानकारी ली। पत्रिका द्वारा उन्हें रेशमा से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध करवाए गए। जिसके बाद विदेश मंत्रालय शव को भारत लाने के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों से बातचीत में जुट गया।

सौम्या ने आश्वासन दिया कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द रेशमा का शव लाकर उनके पैतृक गांव तक पहुंचाया जा सके। इस मामले में जो भी अड़चनें आ रही हैं उन्हें सुलझाने में विदेश मंत्रालय जुट गया था।