
बाड़मेर। कोतवाली थाना पुलिस ने शास्त्रीनगर स्थित एक बंद मकान में हुई नकबजनी का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना श्रीगंगानगर का निवासी है, जबकि अन्य दो आरोपी पंजाब और हनुमानगढ़ के हैं। आरोपियों ने बाड़मेर सहित 8 जिलों में दर्जनों चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक चुनाराम जाट ने बताया कि 18 जून की रात शास्त्रीनगर निवासी किशोर कुमार जटिया के मकान के ताले तोड़कर सोने-चांदी के गहने और नकदी चोरी कर ली गई थी। परिवार उस समय मनाली घूमने गया हुआ था।
मामले में कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। सहयोग से गिरोह के सरगना सुभाष उर्फ शास्त्री उर्फ भगतजी निवासी घड़साना (श्रीगंगानगर), सज्जन कुमार निवासी अमरपुरा (फाजिल्का, पंजाब) और रवी कुमार सोनी निवासी सुरेशिया (हनुमानगढ़) को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और चोरी का माल बरामद करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और चोरी का माल बरामद करने के प्रयास जारी हैं। कार्रवाई में कोतवाली पुलिस, हनुमानगढ़ डीएसटी और आरपीएफ जोधपुर की टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य और वृत्ताधिकारी रमेश कुमार शर्मा के निर्देशन में थानाधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की आवाजाही खंगाली। रेलवे स्टेशन बाड़मेर से बायतु, बालोतरा, समदड़ी, लूणी, भगत की कोठी और जोधपुर तक करीब 250 किलोमीटर के मार्ग का विश्लेषण किया गया। इसके बाद हनुमानगढ़ पुलिस की डीएसटी टीम के सहयोग से आरोपियों को पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार गिरोह ट्रेन से लक्ष्य शहर पहुंचता था, रात में बंद मकानों के ताले तोड़कर चोरी करता और उसी रात ट्रेन से वापस निकल जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने बाड़मेर, बालोतरा, सिणधरी, जालोर, जोधपुर, नागौर, बीकानेर, हनुमानगढ़, सूरतगढ़, लूणकरणसर, बज्जू और खाजूवाला सहित कई स्थानों पर चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश में जुटी हुई है कि अंतरराज्यीय चोर गिरोह के और कितने आरोपी अभी राजस्थान में है। साथ ही यह भी पूछताछ की जा रही है कि राजस्थान के अलावा कौनसे-कौनसे राज्यों में यह गैंग सक्रिय है।