- शहीद धर्माराम की प्रतिमा का अनावरण - मंच पर सेनाध्यक्ष ने कहा- खम्माघणी सा!
बाड़मेर.थल सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के कुलगांव में आंतककारियों से लोहा लेते हुए 2015 में शहीद हुए शौर्यचक्र से सम्मानित धर्माराम जाट की प्रतिमा का उनके गांव धर्मासर (तारातरा) में अनावरण किया। रावत ने कहा कि शहीद की जन्मभूमि धन्य है और मैं यहां आकर धन्य हो गया हूं। वीर सिपाही धर्माराम ने अदम्य साहस और निडरता का परिचय देकर अपनी जान की परवाह किए बगैर आतंकी संगठन लश्करे-तोयबा के जिला कमाण्डर को मार गिराया। उन्होंने कहा कि वीरांगना टीमूदेवी उनके साहस का प्रतीक बनी रहीं। उन्होंने कहा कि यह मरुभूमि वीरों की जननी है। बाड़मेर के सैनिकों के साहस को देख भारतीय सेना गर्व महसूस करती है। इस क्षेत्र के प्रत्येक जवान पर गर्व महसूस होता है।
इन्होंने कहा
- समारोह में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि शहीद धर्माराम की प्रतिमा युवाओं को राष्ट्र की सुरक्षा के लिए प्रेरित करेगी। बाड़मेर के वीर सपूत ने कश्मीर में आतंकवादियों का खात्मा कर देश का नाम रोशन किया। उन्होंने शहीद की पत्नी टीमूदेवी को शहीद के घर तक सड़क निर्माण का भरोसा दिलाया।
- राजस्व मंत्री अमराराम चौधरी ने सैनिकों के लिए मोबाइल कैंटीन शुरू करवाने की बात केन्द्र सरकार तक पहुंचाने की बात कही।
- सांसद कर्नल सोनाराम ने कहा कि बाड़मेर की भूमि पर जन्मे वीर सिपाही राष्ट्र सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहे हैं।
ये भी रहे मौजूद
इस मौके पर सैन्य अधिकारी डीआर सोनी, संसदीय सचिव लादूराम विश्रोई, बायतु विधायक कैलाश चौधरी, पूर्व राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी, कैप्टन हीरसिंह भाटी, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जालमसिंह रावलोत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल मेघवाल, एडीएम ओपी विश्रोई सहित कई जने मौजूद रहे।
सेनाध्यक्ष ने परिवार के पूछे हाल
शहीद धर्माराम की प्रतिमा अनावरण के बाद सेनाध्यक्ष बिपिन रावत शहीद परिवार के पास पहुंचे। उन्होंने शहीद की माता अमरूदेवी को नमस्कार करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने शहीद के भाई से परिवार की स्थिति को जाना। शहीद का भाई गौरव सैनिक बिंजाराम मौजूद रहा।
5 लाख रुपए का चेक दिया
वीरांगना टीमूदेवी को समाजसेवी नवलकिशोर गोदारा ने पांच लाख रुपए का चेक भेंट किया। शहीद धर्माराम पर तैयार सीडी का विमोचन किया गया।
नेता सिर्फ फोटो खिचवाने आते हैं
- शहीद के भाई का आग्रह - हर वर्ष स्मारक पर लगे मेला
बाड़मेर.शहीद के पैतृक गांव धर्मासर में सड़क व पेयजल की समस्या जस की तस है। करीब दो साल से सरकार महज आश्वासन के घूंट पिला रही है। नेता महज फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं। शहीद परिवार की समस्या कोई नहीं सुनने वाला है। कुछ इस तरह शहीद परिवार के सदस्यों ने दास्तां व्यक्त की।
वीरांगना टीमूदेवी ने कहा कि दो साल बीत गए हैं। मेरी योग्यता होने के बावजूद नौकरी नहीं मिल पाई है। बच्चे छोटे हैं। इन्हें पढ़ाना है, लेकिन गांव शहर से दूर है। यहां सड़क भी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार वादे करने की बजाय परिवार की मूलभूत सुविधाएं पूरा करें। शहीद के भाई गौरव सैनिक बिंजाराम ने कहा कि दो साल पूर्ण हो गए हैं लेकिन सरकार शहीद परिवार की मांगें पूर्ण नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि नेता सिर्फ फोटो खिंचवाने आते हैं लेकिन अभी तक सड़क निर्माण व वीरांगना को नौकरी दिलाने का वादा अधूरा है।
यह है शहीद परिवार की मांग
- बिजली बिल माफ किया जाए
- शहीद स्मारक पर पेयजल व्यवस्था करें
- 7 किमी तक डामर सड़क का निर्माण करवाया जाए
- शहीद के बच्चों की शिक्षण व्यवस्था सैन्य स्कूल में हो
- प्रशासन प्रतिवर्ष शहीद स्मारक पर मेले का आयोजन हा