बाड़मेर

तीन जिलों में बह रहा पानी, बहरा हो गया प्रशासन

- जल-जमीन खराब होने को लेकर हजारों किसान परेशान
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Water flowing in three districts, deaf becomes administration
Water flowing in three districts, deaf becomes administration

- जल-जमीन खराब होने को लेकर हजारों किसान परेशान

बालोतरा. पाली के औद्योगिक कारखानों से निस्तारित प्रदूषित पानी कई किलोमीटर की दूरी पार कर पाली-जोधपुर जिला पार करते हुए बाड़मेर जिले में पहुंच रहा है, इसके बावजूद इसकी रोकथाम को लेकर जिम्मेदार तीन-तीन जिलों के जिला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। जनप्रतिनिधियों की कमजोर पैरवी पर सरकार व अधिकारियों के कान के नीचे जूं तक नहीं रेंग रही है। दूसरी ओर हजारों किसान चिंतित है।

न्यायालय ने प्रदूषित रासायनिक पानी को नदियों में बहाने पर रोक के आदेश दे रखे हैं, लेकिन जिम्मेदार इसकी पालना नहीं करवा रहे हैं। इसके चलते स्थिति यह है कि पाली के वस्त्र कारखानों से निस्तारित प्रदूषित रासायनिक पानी पाली के बाण्डी नदी होते हुए जोधपुर जिले के देवांदी गांव से लूनी नदी में प्रवेश करता हुआ भाखरी, लोलासणी, लाकड़धूम, धुंधाड़ा से बहता हुआ बाड़मेर के रामपुरा गांव में प्रवेश कर गया है।

जमीन,जल हो रहा खराब-

आठ वर्षों से नदी में लगातार बह रहे रासासनिक प्रदूषित पानी से जल खराब हो रहा है। इस पानी से रबी सिंचाई करने से खेतों की जमीन की गुणवत्ता खराब हो रही है। फसल की गुणवत्ता खराब होने के साथ पैदावार भी कम होती है। इससे लूनी नदी किनारे सटे गांवों के हजारों ग्रामीणों की नींद उड़ी हुईहै।

किसानों की जुबानी
लूनी नदी में रासायनिक पानी बहाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। बरसाती पानी तो नहीं, लेकिन दूषित पानी हर वर्ष पहुंच रहा है। यही सिलसिला रहा तो खेती सपना बनकर रह जाएगी।

- अजय चौधरी
बाण्डी, लूनी नदी में रासायनिक पानी के बहाव से बहुत चिङ्क्षतत है। हाथों से रोजगार छीन रहा है। सरकार,जिला प्रशासन गंभीर नहीं है।

- पेमाराम सोलंकी

न्यायालय आदेश की पालना सुनिश्चित करने को लेकर सरकार, जिला प्रशासन गंभीर नहीं है। खेती बर्बाद होने पर क्षेत्र में रोजगार का संकट पैदा होगा।

Published on:
20 Jul 2018 09:59 am