बाड़मेर

बच्चा न होने पर बहू का कत्ल: बाड़मेर में दहेज लोभी पति और सास-ससुर करते थे प्रताड़ित, कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला

अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-2 बाड़मेर मीनाक्षी मीणा ने दहेज हत्या के मामले में पति, ससुर और सास को दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों आरोपियों पर कुल 90 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
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Aug 11, 2026
barmer dowry death case
कमाल उर्फ कमरूद्दीन (ससुर), सरियत (सास) और नजीर (पति) : (पत्रिका फोटो)

Barmer Dowry Death Case: बाड़मेर के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या-2 ने दहेज हत्या के एक मामले में सोमवार को सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी पति, ससुर और सास को दोषी ठहराया है। न्यायालय की न्यायाधीश मीनाक्षी मीणा ने तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अदालत ने तीनों आरोपियों पर कुल 90 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न अदा करने की स्थिति में दोषियों को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

दोषी करार दिए गए आरोपी

  • नजीर (पति): पुत्र कमाल उर्फ कमरूद्दीन
  • कमाल उर्फ कमरूद्दीन (ससुर): पुत्र लखमीर
  • सरियत (सास): पत्नी कमाल
  • सभी निवासी: माठी नाणी, पांधी का पार, रामसर (बाड़मेर)

अपर लोक अभियोजक सुरेशचंद्र मोदी के अनुसार, मृतका रवीना के पिता परिवादी खमीशा खां ने 12 जुलाई 2023 को रामसर थाने में मामला दर्ज कराया था। रवीना का निकाह 13 फरवरी 2017 को नजीर के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष उसे 5 लाख रुपए दहेज की मांग और संतान न होने का ताना देकर प्रताड़ित करता था।

दोबारा विश्वास दिलाकर घर लाया था

प्रताड़ना के कारण रवीना कुछ महीनों से अपने पीहर में रह रही थी। 7 जुलाई 2023 को नजीर उसे दोबारा परेशान न करने का विश्वास दिलाकर अपने साथ ले गया। उसी रात नजीर, कमाल खान और सरियत ने मिलकर रवीना के साथ बुरी तरह मारपीट की और उसकी हत्या कर दी।

वारदात के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने के लिए पानी के टांके में डाल दिया और मायके वालों के पहुंचने से पहले ही शव को दफना दिया। बाद में प्रशासन की मौजूदगी में दफनाए गए शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया।

26 गवाहों के लिए बयान

अभियोजन पक्ष ने 26 गवाहों के बयान करवाए और 45 दस्तावेज प्रदर्शित किए। राज्य पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सुरेशचंद्र मोदी ने पैरवी की। अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता स्वरूप सिंह राठौड़ और परिवादी की ओर से अधिवक्ता करनाराम चौधरी ने पैरवी की। अदालत ने सभी पेश सबूतों और गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों को दहेज हत्या और प्रताड़ना की विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए जेल भेज दिया।

Updated on:
11 Aug 2026 11:11 am
Published on:
11 Aug 2026 11:11 am