mp news: बच्ची को छुड़ाने के लिए मां और ग्रामीण तेंदुए के पीछे भागे तो बच्ची को छोड़कर भागा तेंदुआ...अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने घोषित किया मृत...।
mp news: मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है यहां एक सात साल की बच्ची को तेंदुआ उसकी मां के सामने से गर्दन दबोचकर ले गया। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी तभी तेंदुए ने उस पर हमला किया और उसकी गर्दन को जबड़े में दबाकर उसे खींच ले गया। बच्ची को छुड़ाने के लिए उसकी मां व अन्य ग्रामीण तेंदुए के पीछे भागे और शोर मचाया तो तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया। इसके बाद तुरंत बच्ची को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बड़वानी जिले की राजपुर तहसील के ग्राम लिंबई के कीरता फलिया में शनिवार देर शाम को सात साल की मासूम गीता पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मासूम बच्ची गीता अपने घर के बाहर बैठी थी और पास में ही मां काम कर रही थी। तभी अचानक तेंदुआ आया और उस पर हमला कर उसकी गर्दन अपने जबड़े में दबाकर उसे उठा ले गया। बच्ची को तेंदुए से बचाने के लिए उसकी मां पीछे भागी और शोर मचाया तो और भी ग्रामीण जमा हो गए। सभी बच्ची को छुड़ाने तेंदुए के पीछे भागे तो तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया। परिजन और ग्रामीण तुरंत गीता को लेकर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना से पूरा गांव दहशत और आक्रोश में है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत और चेतावनी देने के बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि केवल खानापूर्ति के लिए पिंजरे और कैमरे दिखाए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा के वास्तविक इंतजाम नहीं किए जाते। पिछले दिनों भी तेंदुए के हमलों में आठ ग्रामीणों की मौत और एक के घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं, 10 से अधिक पालतू कुत्ते भी तेंदुए का शिकार बन चुके हैं। वनमंडलाधिकारी आशीष बंसोड ने बताया कि लिंबई गांव में यह तेंदुए द्वारा किया गया तीसरा हमला है। 17 अगस्त को पहली घटना में एक बच्ची की मौत हुई थी, जबकि 1 सितंबर को एक महिला घायल हुई थी। शनिवार को तीसरी घटना में फिर मासूम ने अपनी जान गंवाई। शासन के नियमों के अनुसार मृतक परिवार को 8 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।