
MP Doctors Taking Commissions on Tests Conducted at Private Pathology Labs
Barwani- जरूरतमंदों के फ्री या सस्ते इलाज के लिए सरकारी अस्पताल खोले गए हैं लेकिन मरीजों को यहां भी जमकर चूना लगाया जाता है। इन अस्पतालों में पदस्थ कुछ डॉक्टरों का वेतन से पेट नहीं भरता, वे कमीशनखोरी से हर माह लाखों की कमाई कर रहे हैं। सरकारी अस्पताल में आनेवाले मरीजों को जांच के नाम पर प्राइवेट पैथोलॉजी लैब में भेजा जाता है जहां से संचालक से डॉक्टरों का कमीशन बंधा हुआ है। प्रदेश के बड़वानी के राजपुर सीएचसी के सरकारी अस्पताल के ऐसे ही 3 डॉक्टरों को लोकायुक्त ने निजी लैब संचालक से घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा। लोकायुक्त द्वारा दबोचे गए डॉक्टरों का लालच इतना बढ़ गया था कि वे कमीशन बढ़ाकर 20 प्रतिशत से 50 प्रतिशत मांग रहे थे। इससे परेशान होकर संचालक ने शिकायत कर दी।
बड़वानी के राजपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इंदौर लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार शाम तीन डॉक्टरों को 25 हजार की घूस लेते रंगेहाथ दबोचा। ये डॉक्टर मरीजों को सरकारी अस्पताल से निजी पैथोलॉजी लैब में जांच के लिए भेजने के बदले कमीशन वसूल रहे थे। पहले लैब संचालक से 20 प्रतिशत कमीशन लेते थे। लालच बढ़ा तो 50 प्रतिशत कर दिया। सेवा पैथोलॉजी लैब राजपुर के मैनेजर अदनान अली ने सोमवार को इसकी शिकायत लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से की थी। इसके बाद डॉक्टरों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।
लोकायुक्त को शिकायत करनेवाले सेवा पैथोलॉजी लैब राजपुर के मैनेजर अदनान अली ने बताया कि मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या सांई और संविदा चिकित्सक डॉ. मनोहर गोदारा सरकारी अस्पताल से मरीजों को निजी लैब भेजते थे। ये सभी डॉक्टर्स, मरीजों को उसकी लैब में भी भेजते हैं। बदले में लैब की कमाई का आधा हिस्सा मांग रहे थे।
मैनेजर अदनान अली के मुताबिक पिछले माह का हिसाब कर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित शाक्य ने 18 हजार, डॉ. दिव्या सांई ने 8 हजार और डॉ. मनोहर गोदारा ने 21800 रुपए मांगे थे। लोकायुक्त ने शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच कराई। सत्यापन में शिकायतकर्ता की बात सही मिली।
जांच के बाद लोकायुक्त ने डॉक्टर्स को रंगे हाथों पकड़ने के लिए सौदेबाजी की। डॉ. शाक्य 8 हजार, डॉ. दिव्या 5 हजार और डॉ. गोदारा 12 हजार रुपए लेने पर राजी हुए। इसके बाद शाम 4 बजे डीएसपी सुनील तालान के नेतृत्व में लोकायुक्त टीम ने ट्रैप लगाया। तीनों डॉक्टरों डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या सांई और डॉ. मनोहर गोदरा ने आवेदक से तय रकम ली तो लोकायुक्त टीम ने दबोच लिया। आरोपियों से केमिकल लगे 25 हजार जबत किए। लोकायुक्त डीजी योगेश देशमुख के निर्देश पर ये कार्रवाई की गई।
Updated on:
08 May 2026 09:56 am
Published on:
08 May 2026 09:56 am
