MP News: आदिवासियों के आराध्य भिलटदेव को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां की खेती-किसानी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। पहली कृषि कैबिनेट बैठक करने नागलवाड़ी पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को यह घोषणा की। जल संकट से जूझ रहे जिले के 86 गांव के लिए दो सिंचाई […]
MP News: आदिवासियों के आराध्य भिलटदेव को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां की खेती-किसानी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। पहली कृषि कैबिनेट बैठक करने नागलवाड़ी पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को यह घोषणा की। जल संकट से जूझ रहे जिले के 86 गांव के लिए दो सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने यह मंजूरी कैबिनेट बैठक के बाद हुई नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में दी। दोनों परियोजनाओं पर 2067.97 करोड़ खर्च होंगे।
पहली, 860.53 करोड़ की वरला उद्वहन सिंचाई परियोजना। इसके तहत नर्मदा से 51.52 एमसीएम पानी लिया जाएगा। ये 33 गांवों में पहुंचाया जाएगा। 15,500 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। दूसरी, 1207.44 करोड़ की पानसेमल उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना में नर्मदा से 74.65 एमसीएम पानी लिया जाएगा, जो 53 गांवों में पहुंचेगा और 22,500 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। बता दें कि मुख्यमंत्री ने कृषि कैबिनेट और नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक करने के बाद बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी बनाने, बड़वानी के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिलाने के साथ प्रदेश में प्राकृतिक खेती बढ़ाने 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाएंगे।
नागलवाड़ी में हुई कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डिह्रश्वटी सीएम राजेंद्र शुक्ल व जगदीश देवड़ा व मंत्रियों के साथ भिलटदेव मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। यहां मीडिया से चर्चा में कहा कि जनजातीय भाई-बहनों के बीच लोक संस्कृति के सम्मान को और बढ़ाने के लिए बड़वानी में पहली कृषि कैबिनेट बैठक करने आए हैं।
कैबिनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्री आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगे नजर आए। खासकर सीएम ने धोती, कुर्ता व बंडी पहन रखी थी। अन्य मंत्री भी इसी पोषक में नजर आए। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ भिलटदेव मंदिर में दर्शन के बाद मंदिर परिसर का अवलोकन किया।
सीएम ने एमपी की लखपति दीदियों, राष्ट्रीय खिलाडिय़ों एवं उन्नत किसानों से संवाद किया कर उनके अनुभव सुने। कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में किसानों, महिलाओं एवं युवाओं का सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता है।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री जुलवानिया पहुंचे। यहां उन्होंने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। यह भी बताया कि मप्र दलहन-तिलहन सहित कृषि उत्पादों के मामले में देश का बड़ा फूड बास्केट है। इसे और भी आगे बढ़ाएंगे। लक्ष्य है कि कृषि और इससे जुड़े सभी क्षेत्रों में प्रदेश लगातार आगे बढ़े। इस दौरान उन्होंने मंच पर आदिवासी कलाकारों के साथ नृत्य भी किया। मंत्रियों के साथ ढोलक पर थाप भी जमाई।