MP News: डाक विभाग ने रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा बंद कर दी गई है। अब केवल स्पीड पोस्ट का विकल्प रहेगा, जिसकी दरें 25% से 125% तक बढ़ाई गई हैं। जनता में नाराजगी।
GST Bachat Utsav: एक ओर जहां सरकार जीएसटी 2.0 को 'बचत उत्सव' बताकर प्रचारित कर रही है, वहीं दूसरी ओर भारतीय डाक विभाग (Postal Department) ने आम जनता की जेब पर सीधा बोझ डाल दिया है। 1 अक्टूबर से लागू नई व्यवस्था के तहत किफायती और भरोसेमंद मानी जाने वाली रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा (registered post service) को प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है। अब ग्राहकों को केवल स्पीड पोस्ट (speed post) का विकल्प दिया जा रहा है, जिसके शुल्क में भी 25 से 125 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी गई है।
अब तक रजिस्टर्ड डाक का शुल्क 20 ग्राम तक मात्र 26 रुपए था, जबकि स्पीड पोस्ट स्थानीय क्षेत्र को छोडकर न्यूनतम 41 रुपए में भेजी जाती थी। नई दरों में 50 ग्राम तक का शुल्क सीधे 47 रुपए कर दिया गया है, जबकि दूरी के अनुसार यह 59 रुपए तक चला गया है। यानी जो काम पहले 26 रुपए में हो जाता था, अब उसके लिए दोगुने से भी अधिक राशि खर्च करनी होगी। (mp news)
पहली नौकरी का अपॉइंटमेंट लेटर, अदालत के नोटिस, शादी के कार्ड सब रजिस्टर्ड पोस्ट से ही जाते थे। रजिस्टर्ड पोस्ट केवल सेवा नहीं, बल्कि लाखों भारतीयों की यादों और विश्वास से जुड़ी व्यवस्था थी। दशकों से लोग महत्त्वपूर्ण दस्तावेज इसी माध्यम से भेजते थे। अब अचानक इसे समाप्त कर देना लोगों को भावनात्मक रूप से भी अखर रहा है। डाकघर में आए उपभोक्ता सुरेश जाधव का कहना है कि सरकार आधुनिकता के नाम पर किफायती विकल्प छीन रही है। सस्ता रास्ता बंद कर, महंगा विकल्प थमा दिया गया है। (mp news)
रजिस्टर्ड पोस्ट 1 अक्टूबर से बंद कर दी गई है। वहीं स्पीड पोस्ट की दर में बदलाव हुआ है। पहले 50 ग्राम तक 41 रु शुल्क था जो बढकर अब 47 रु. हो गया है। वहीं 50 ग्राम से अधिक के स्पीड पोस्ट की दरों में भी परिवर्तन किया गया है।- प्रियंका गुप्ता, सब पोस्ट मास्टर, बड़वानी डाकघर