Tomatoes-
Tomatoes- खेती-किसानी के मामले में मध्यप्रदेश, देश के अव्वल राज्यों में शुमार है। प्रदेश को कई बार कृषि कर्मण अवार्ड मिल चुका है। राज्य सरकार कृषि में अपनी उपलब्धियों को न केवल बरकरार रखना चाहती है बल्कि इसे बढ़ाने की भी भरसक कोशिश कर रही है। इसके लिए सरकार 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। प्रदेश के किसानों की माली हालत सुधारने और खेती को लाभदायक बनाने कई योजनाएं बनाई गई हैं। इतना ही नहीं, राज्य सरकार कृषि केबिनेट भी आयोजित कर रही है। पहली कृषि केबिनेट बड़वानी Barwani जिले के नागलवाड़ी Nagalwadi गांव में 2 मार्च को होगी। जनजातीय बहुल यह इलाका टमाटर की खेती के लिए विख्यात है। यहां के टमाटरों की देश के साथ विदेशों में भी डिमांड है।
प्रदेश के अन्नदाताओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए नागलवाड़ी गांव में कृषि केबिनेट की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिला प्रशासन जुटा हुआ है। सीएम मोहन यादव और उनके मंत्रियों की सुरक्षा से लेकर मंच और पार्किंग तक की व्यवस्थाओं का कलेक्टर जयति सिंह खुद जायजा ले रहीं हैं। उनका कहना है कि कार्यक्रम की अधिकांश व्यवस्थाएं पूर्ण हो चुकी हैं। बैठक के लिए गांव में करीब 8 एकड़ के गार्डन में एयर कंडीशनर डोम बनाए गए हैं।
कृषि केबिनेट को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ट्वीट किया। इसमें उन्होंने होली के मौके पर किसानों को सौगात देने की बात कही है। डॉ. यादव सहित सरकार के तमाम मंत्री सोमवार को दिनभर नागलवाड़ी में ही रहेंगे। केबिनट बैठक में किसानों की आय बढ़ाने के लिए अहम निर्णय लिए जाएंगे।
निमाड़ क्षेत्र बहुत उर्वर इलाका माना जाता है। यहां सोयाबीन, गेहूं जैसी फसलों के साथ ही मिर्च, हल्दी, धनिया जैसी मसाला फसलें भी होती हैं। हालांकि नागलवाड़ी Nagalwadi का इलाका देशभर में टमाटरों के लिए जाना जाता है। यहां के टमाटर दिल्ली सहित करीब एक दर्जन राज्यों में जाते हैं। इतना ही नहीं, नागलवाड़ी के टमाटर विदेशों में भी सप्लाई किए जाते हैं। स्थानीय टमाटर उत्पादक यहां हो रही केबिनेट बैठक से उत्साहित हैं। वे इलाके में टोमेटो कैचप प्लांट लगाने की मांग कर रहे हैं।