बस्सी

‘न्याय’ के लिए रात 9 बजे तक चला प्रशासन का ‘दरबार’, 15 विभागों के आलाधिकारी और कार्मिकों ने जुटाई भीड़

बस्सी में मेगा कैम्प के साथ राजस्व शिविर के दूसरे चरण का समापन

2 min read
Jun 29, 2018
camps of nyay aapke dwar in bassi jaipur
'न्याय' के लिए रात 9 बजे तक चला प्रशासन का 'दरबार', 15 विभागों के आलाधिकारी और कार्मिकों ने जुटाई भीड़

बस्सी (जयपुर)। बस्सी के देवगांव रोड स्थित महात्मा गांधी खेल स्टेडियम के ग्राउंड में शुक्रवार को 'न्याय आपके द्वार' मेगा कैम्प में मेले सा माहौल नजर आया। मेगा कैम्प में बस्सी सहित ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों से आए ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे कई योजनाओं का लाभ दिया गया। मेगा शिविर के साथ ब्लॉक में लोक अदालत के दूसरे चरण का समापन हुआ।

आवाज लगाकर सुनवाई
शिविर में मंच पर लोक अदालत लगाई गई। इसमें विशेष रूप से 15 से 20 पंचायतों के राजस्व संबंधी मामले निपटाए गए। यहां एसडीएम अशोक शर्मा और एसीएम दीपाली भगोतिया ने प्रकरणों की सुनवाई कर दोनों पक्षों की आपसी समझाइश के साथ निष्तारण किया। सुनवाई से पहले फरियादी के नाम की आवाज लगाई, फिर सरपंच को मंच पर बैठाया। इसके बाद प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारी ने दोनों पक्ष सुने और साक्ष्य के आधार पर समझाइश के साथ प्रकरण को निपटाया। इस बीच कई पक्षकार मुस्कुराते, तो कई मन मसोते हुए नजर आए।

16 पंचायतों ने सजाई टेबल
शिविर में बस्सी सहित 16 ग्राम पंचायतों ने अपनी-अपनी टेबल सजाई। इनमें किसी ने पांडाल में बैनर टांग कर ग्रामीणों का स्वागत किया, तो किसी ने कागज की पर्ची लगाकर इतिश्री कर ली। बस्सी, माधोगढ़, टोडाभाटा, झर, देवगांव, सांभरिया, पाटन, भूडला, खतैपुरा, बैनाड़ा, पालावाला जाटान और लालगढ़ की टेबलों पर उनके बैनर सजे रहे। वहीं मानसर खेड़ी, मनोहरपुरा, मोहनपुरा और कुथाड़ा खुर्द ने सादा छोटे कागज पर ग्राम पंचायत का नाम लिखकर लटका लिया। सभी टेबलों पर ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इन ग्राम पंचायतों के पिछले शिविरों में कई मामले लम्बित थे, जिन्हें आज पूरा करने का प्रयास किया गया। मेगा शिविर में एसीएम व एसडीएम कोर्ट के लम्बित मामलों में से 50 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण, वहीं तहसीलदार ने भी 350 से अधिक नामांतरण खोले।

हैल्प डेस्क से आसान हुआ काम
शिविर की व्यस्थाओं में हैल्प डेस्क की भी मुख्य भूमिका रही। फरियादी या आवेदक पहले हैल्प डेस्क पर जाता। हैल्प डेस्क पर बैठे जानकार आवेदन या मामले को पढ़कर उसे पूरी प्रकिया समझाते। किस आवेदक को कहा जाना है और कौनसे दस्तावेज लगाने है आदि की जानकारी देकर उसका काम आसान करते। इसमें उपखंड अधिकारी कार्यालय के कार्मिक ओमप्रकाश लोदीवाल, राजकीय विद्यालय की प्रधानाचार्य वसुधा शर्मा, पीटीआई कमलेश शर्मा सहित कई कार्मिकों ने महती भूमिका निभाई।

Published on:
29 Jun 2018 11:36 pm