बस्सी

ये कैसी सुरक्षा, तोड़ रहे दम, राहत की उम्मीद कम, जिम्मेदारों की लापरवाही से लाखों का नुकसान

बस्सी के बांसखोह क्षेत्र में गणेश मोड़ से नईनाथ धाम तक का मामला
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Updated: 18 Mar 2018, 6:49 PM IST
department forgot care of tree after plantation

बांसखोह (जयपुर)। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण लाखों रुपए की लागत से बांसखोह क्षेत्र में गणेश मोड़ से नईनाथ धाम तक लगाए गए दो सौ पौधों में से 70 प्रतिशत सूखकर नष्ट हो गए। इससे न सिर्फ हरित राजस्थान का सपना धूमिल हुआ, वहीं इनकी सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्री गार्ड भी टूट चुके हैं। जानकारों की मानें तो यदि जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली तो शेष पौधे भी नष्ट होने के कगार पर है।

वन विभाग ने नईनाथ धाम पर प्राकृतिक स्वरूप को निखारने के लिए गणेश मोड़ से नईनाथ धाम तक दोनों ओर दो पौधे लगाए थे। इनकी पुख्ता सुरक्षा का भी इंतजाम किया गया था। वन विभाग ने पौधों को किसी प्रकार की हानि नहीं हो। इसके लिए सीमेन्ट के ट्री-गार्ड भी लगाए। सूत्रों की मानें तो शुरुआत में तो इनकी सार-संभाल के लिए मनरेगा श्रमिक भी लगाया गया।

एक पौधे पर दो हजार खर्च
एक पौधे पर ही करीब 2 हजार रुपए का खर्चा आ था। तत्कालीन डीएफओ टीसी वर्मा की देखरेख में हुए इस पौधरोपण कार्यक्रम में पौधों की लम्बाई भी 5 से 7 फीट थी। शुरुआती दौर में लोगों को उम्मीदें जगी कि आखिर नईनाथ रोड पर छायादार पौधों के पनपने से श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण ट्री गार्ड नष्ट हुए तो पानी के अभाव में पौधों ने दम तोड़ दिया।

पानी के लिए नहीं आता बजट
वन विभाग के कर्मचारियों की मानें तो पौधों के लिए पानी का बजट नहीं आता है। इससे नियमित रूप से पानी देना संभव नहीं है। इसकी सुरक्षा के लिए लगाई गई जालियां तोडऩे के बारे में दूसरे लोगों पर ही आरोप लगाते हैं, जबकि नईनाथ धाम वन नाका पर वनों की सुरक्षा के लिए 6 कर्मचारी नियुक्त हैं। इसके बावजूद पौधों की सुरक्षा नहीं हो पा रही।

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समाजसेवी आ रहे आगे
कई पौधों के नष्ट होने पर बांसखोह के खेजड़ावाली ढाणी निवासी बद्रिनारायण मीना, बीएसएनएल लेखाधिकारी ने इनमें बरगद एवं पीपल के पौधे लगाए हैं एवं स्वयं के खर्चे पर इनमें पानी देने की व्यवस्था कर रखी है, लेकिन वन विभाग के कर्मचारियों की ओर से ट्री गार्डो की सुरक्षा नहीं करने से पौधों को जानवर नष्ट कर देते हैं। अगर वन विभाग पौधे एवं ट्री गार्ड की सही सुरक्षा करे तो पानी की व्यवस्था तो भामाशाहों के माध्यम से करवा दी जाएगी।

20 लाख खर्च कर बनाया था एनिकट
नईनाथ धाम के वनीय इलाके में भी भामाशाहों की कोई कमी नहीं है। गुढ़ा निवासी सेवानिवृत लेखाधिकारी जगदीशनारायण मीना ने नईनाथ धाम बोड्या पर सेवानिवृत की सारी राशि एवं पेन्शन राशि करीब 20 लाख रुपए से अधिक राशि खर्च कर जानवरों को पानी पीने के लिए एनिकट बनाया था। इसमें फलदार एवं छायादार करीब 50 पौधे भी लगाए। पिछले साल उनका निधन हो गया।

इनका कहना है
वन विभाग की लापरवाही के कारण पौधे नष्ट हो गए। यदि समय पर पौधों की सुरक्षा एवं पानी देते तो आज पौधे वट वृक्ष का रूप लेकर नईनाथ के श्रद्धालुओं को राहत प्रदान करते।
मंगलाराम मीना, सरपंच, ग्राम पंचायत बांसखोह

हमारे पास पौधों में पानी देने के लिए बजट की कोई व्यवस्था नही हैं। कई मर्तबा मेले के दौरान यात्री इन ट्री गार्डो को तोड़ देते हैं। फिर भी कोशिश करते हैं कि पौधे नष्ट न हो।
सीताराम मीना, वन नाका प्रभारी, नईनाथ धाम बांसखोह

कर्मचारियों को इन पेड़ों की सुरक्षा के लिए पाबंद किया जाएगा। जल्द ही ट्री गार्डो को दुरुस्त करवा दिया जाएगा। इनमें नए छायादार पेड़ लगाए जाएंगे। पानी की भी व्यवस्था की जाएगी।
सीताराम मीना, रेंजर, वन विभाग बस्सी

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