वरिष्ठ दंत चिकित्सक प्रवीण शर्मा डिजिटल ठगी का शिकार होने ही वाले थे। खुद को ‘मुंबई पुलिस’ बताकर ठगों ने डॉक्टर को एकांत कमरे में बंद कर एक घंटे तक वीडियो कॉल पर उलझाए रखा।
चौमूं (जयपुर)।‘आपके मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो भेजे गए हैं, आप पर कई केस दर्ज हैं…’ यदि बचना है तो वीडियो कॉल उठाइए!’ इस तरह के झांसे में आकर शहर के मोरीजा पुलिया पर स्थित एक क्लिनिक के वरिष्ठ दंत चिकित्सक प्रवीण शर्मा डिजिटल ठगी का शिकार होने ही वाले थे। खुद को ‘मुंबई पुलिस’ बताकर ठगों ने डॉक्टर को एकांत कमरे में बंद कर एक घंटे तक वीडियो कॉल पर उलझाए रखा।
गनीमत रही कि उनकी पत्नी अंजू शर्मा की सजगता ने समय रहते खतरे को भांप लिया और पुलिस कंट्रोल रूम में तुरंत मामले की जानकारी दी, जिससे न सिर्फ ठगी टल गई। बाद में चौमूं थानाधिकारी प्रदीप शर्मा मौके पर पहुंचे। दंत चिकित्सालय के निदेशक डॉ. शर्मा ने पुलिस को बताया कि दोपहर 12 बजे वह ओपीडी में मरीजों का उपचार कर रहे थे, तभी उनके पास एक कॉल आया और मोबाइल पर उसने स्वयं को मुम्बई पुलिस का हवाला दिया कि आपकी सिम एवं मोबाइल से अश्लील फोटो वीडियो भेजे हुए हैं। इसे लेकर मामले भी दर्ज हैं।
इससे वह घबरा गया और ठगों के कहे अनुसार उसने एक कमरे में जाकर गेट बंद कर लिया। करीब आधा घंटे तक वे वीडियो कॉल पर बात करते रहे। पीड़ित चिकित्सक ने बताया कि बातचीत के दौरान उसने आधार कार्ड के नंबर भी दे दिए थे। क्लिनिक में उनकी पत्नी अंजू शर्मा भी मौजूद थीं। जैसे ही उसे पति के कमरे में बंद होने की जानकारी मिली तो फर्जी कॉल होने का संदेह हुआ और जोर-जोर से चिल्लाकर दरवाजा खुलवाया और चल रहे वीडियो कॉल पर उसने पुलिस में मामला दर्ज करवाने की बात कही तो ठग ने फोन काट दिया।
थाना प्रभारी शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना पर पहुंचकर चिकित्सक से घटना की जानकारी ली। उनके फोन पर आए कॉल नंबर की जांच शुरू की जा रही है। पुलिस ने बताया कि जैसे ही उनकी पत्नी ने माजरा समझ कर फोन पर मामला दर्ज करवाने की बात कही तो ठग ने तत्काल फोन काट दिया और बंद कर लिया। साथ ही वॉट्सएप से डेटा भी डिलीट कर दिया है।
थाना प्रभारी शर्मा ने बताया कि इस तरह के पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ठगों से सावधानी बरतने की जरूरत है। पहले तो अनजान कॉल पर संदेह होते ही काट देना चाहिए। वीडियो कॉल अनजान व्यक्ति का रिसीव नहीं करना चाहिए। संदेह होते ही तत्काल पुलिस को सूचित करें। सोशल मीडिया पर किसी तरह के लिंक वगैरह को खोलने से बचें। अनजान व्यक्ति को ओटीपी, आधार कार्ड, बैंक संबंधित जानकारी नहीं बतानी चाहिए। यदि झांसे में आकर आधार कार्ड व बैंक वगैरह की डिटेल दे भी तो तत्काल संबंधित बैंक खाते को लॉक करवाना चाहिए।