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Rajasthan Monsoon: बांध हुआ ओवरफ्लो- द्रव्यवती नदी और ढूंढ नदी का हुआ संगम; 2 सड़क मार्ग हुए अवरुद्ध

ग्राम बिशनसिंहपुरा में कानोता बांध का ओवरफ्लो पानी ढूंढ नदी बहाव क्षेत्र में होते हुए मनरेगा में निर्मित कच्चे बांध को भरने के बाद ढूंढ नदी और जयपुर से आ रही द्रव्यवती नदी का संगम हो गया।

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Aug 26, 2024

देवगांव। तूंगा क्षेत्र की ग्राम पंचायत खिजुरिया ब्राह्मणान के ग्राम बिशनसिंहपुरा में कानोता बांध का ओवरफ्लो पानी ढूंढ नदी बहाव क्षेत्र में होते हुए मनरेगा में निर्मित कच्चे बांध को भरने के बाद ढूंढ नदी और जयपुर से आ रही द्रव्यवती नदी का संगम हो गया। दोनों नदियों के संगम होने के बाद क्षेत्र से आगे यह नदी ढूंढ नदी के नाम से ही जानी जाती है। ढूंढ नदी क्षेत्र में ग्राम पंचायत सांभरिया, हरिपुरा होते हुए चाकसू उपखंड के छांदेल में होकर आगे बढ़ती है उसके बाद पौराणिक ढूंढ नदी मोरल नदी में जाकर मिल जाती है।

बांध को बचाने में जुटे रहे प्रशासन व ग्रामीण

बांध के पूरा भर जाने के बाद दिन-रात सैकड़ों लोग बांध के मजबूती के लिए पाळ की चौड़ाईकरण कार्य में लगे हुए हैं। सरपंच रामकन्या मीणा, समाजसेवी कार्यकर्ता गिरिराज मीणा, मुकेश मीणा, कैलाश चेयरमैन समेत सैकड़ों लोग मौके पर मौजूद रहे। खिजुरिया ब्राह्मणान ग्राम विकास अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि बांध के भराव को देखते हुए इसको आगामी समय में पक्का कराने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भिजवाया गया है। वहीं ग्रामीणों के सहयोग से चल रहे पाळ चौड़ाईकरण, मरम्मत कार्य को पंचायत प्रशासन द्वारा लगातार जारी रखा जाएगा।

जिला पार्षद ने लिया जायजा

भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश मंत्री और जिला परिषद सदस्य रामकेश मीणा ने रविवार दोपहर को बिशनसिंहपुरा बांध का जायजा लिया, इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों को बांध की स्थिति से अवगत कराया तथा ग्रामीणों को बांध को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।

दो सड़क मार्ग हुए अवरुद्ध

ढूंढ नदी बहाव क्षेत्र में दो सड़क मार्गों पर तेज बहाव के चलते आवागमन बाधित रहा। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्र के बराला होते हुए पिपल्याबाई बिशनसिंहपुरा सड़क मार्ग और रूपपुरा बिशनसिंहपुरा होते हुए रिंग रोड सड़क मार्ग पर ढूंढ नदी के तेज बहाव के चलते आवागमन दिन भर बंद रहा।

आमल्या की ढाणी के दोनों तरफ हुआ संगम

दोनों नदियों का संगम क्षेत्र की आमल्या की ढाणी के दोनों तरफ से हुआ। ऐसे में यह ढाणी चारों तरफ से पानी के बीच स्थित है लेकिन ऊंचाई पर होने की वजह से किसी नुकसान की आशंका नहीं है।

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