बस्सी

दर्दनाक हादसा: डंपर ने बाइक को कुचला, दो बहनों समेत 3 की मौके पर ही मौत, युवतियों ने युवक से ली थी लिफ्ट

तेज रफ्तार डंपर ने बस्सी आरओबी पर बाइक सवार दो चचेरी बहनें व बाइक चला युवक को कुचल दिया। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

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May 04, 2025

बस्सी। रेलवे ओवरब्रिज पर रविवार सुबह हुए हादसे के बाद हर कोई स्तब्ध रह गया। सड़क हादसे की सूचना मिलते ही बस्सी शहर में आरओबी पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने पुलिस को फोन किया तो पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एम्बुंलेस से तीनों के शव उपजिला अस्पताल पहुंचाए, जहां पर जिसने सुना वही दौडा़ चला आया।

इधर, युवतियों के परिजनों ने जब बेटियों की मौत की खबर सुनी तो वे तुरंत उपजिला अस्पताल पहुंच गए। जहां पर उनका रो- रोकर बुरा हाल था। गौरतलब है कि तेज रफ्तार डंपर ने बस्सी आरओबी पर बाइक सवार दीपपुरा निवासी दो चचेरी बहनें प्रिया शर्मा (23) पुत्री गिरिराज शर्मा, खुशी शर्मा (21) पुत्री प्रहलाद शर्मा व बाइक चला रहे दौसा जिले के रानीवास गांव निवासी खुशीराम पुत्र कजोडमल बैरवा को कुचल दिया। जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

बस्सी चक पर काफी देर तक खड़ी रही

पुलिस ने बताया कि प्रिया और खुशी गांव से प्रतिदिन बस्सी के कल्याणपुरा में एनजीओ में प्रशिक्षण लेने के लिए आती थी। रविवार को भी दोनों बहनें घर से किसी वाहन से बस्सी चक तक आ गई। यहां पर अन्य वाहन नहीं मिलने पर मोटरसाइकिल पर जा रहे खुशीराम को रोककर उससे लिफ्ट लेकर बाइक पर बैठ गई। खुशीराम दोनों को बैठाकर बस्सी जा रहा था, इसी दौरान आरओबी पर तेजगति में आ रहे एक डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे तीनों की मौत हो गई।

रोजाना पिता के साथ आती थी

एएसआई तोताराम ने बताया कि खुशी के पिता बस्सी स्थित एक निजी स्कूल में शिक्षक है। दोनों चचेरी बहनें खुशी के पिता के साथ ही रोजाना बाइक से कल्याणपुरा में जाती थी, लेकिन रविवार को नियति को कुछ और मंजूर था। इसलिए खुशी के पिता ने व्यस्तताओं के चलते दोनों को किसी अन्य वाहन से बस्सी जाने के लिए कह दिया। दोनों बहनें घर से बस्सी चक किसी वाहन में बैठकर आ गई। वे चक मोड़ पर बस का इंतजार कर रही थी, तभी हाईवे से बस्सी की ओर जा रहे बाइक चालक खुशीराम से उन्होंने लिफ्ट मांगकर बाइक पर बैठ गई। लेकिन रास्ते में ही हादसा हो गया।

मजदूरी कर जीवन-यापन करता था खुशीराम

खुशीराम के परिजनों ने बताया कि वह मजदूरी कर जीवन-यापन कर रहा था। वह बस्सी शहर में मजदूरी करता था। खुशीराम रोजाना गांव से रानीवास के लिए बाइक से अपडाउन करता था।

Updated on:
04 May 2025 09:02 pm
Published on:
04 May 2025 08:57 pm
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