बस्तर

प्रशासन का रूख अब गांव की ओर, कागज में नहीं हकीकत में होगा विकास, पढ़ें खबर

जिला प्रशासन की नजर अब माओगढ़ को डेव्हलप करने की, जिले के अंदरूनी इलाकों में लगातार सड़क मार्ग से बाइक से पहुंच रहे अधिकारी।
2 min read
• •
Updated: 19 Nov 2017, 12:43 PM IST
कागज में नहीं हकीकत में होगा विकास
कागज में नहीं हकीकत में होगा विकास

कोंडागांव. जिला प्रशासन की अब पूरी नजर जिले के उन गांवों का विकास करने की हैं, जहां आज तक लोग केवल सुविधआों की बांट जोह रहे हैं। कलेक्टर नीलकंठ टेकाम व सीईओ जिला पंचायत डॉ संजय कन्नौजे इस मुहिम में अपने अधिनस्त अधिकारियों को लेकर जुट गये हैं। यही वजह है कि जिले के अंदरूनी इलाकों में इनका लगातार दौरा चल रहा है। जहां अब तक के प्रशासनिक अधिकारी पहुंचने से भी कतराते थे, वहां कलेक्टर व सीईओं के साथ अन्य जिला स्तरीय अधिकारी बे-रोकटोक पहुंच ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याओं से अवगत हो रहे हैं। यह पहला मौका हैं जब जिला स्तरीय अधिकारियों का पूरा का पूरा दस्ता गांवों की छान मारने में लगा हुआ हैं। ज्ञात हो कि अंदरूनी इलाकें के विकास की बात तो सभी करते हैं पर उन गांवों तक कोई पहुंचना नहीं चाहता था, लेकिन वर्तमान में जिला प्रशासन की कमान संभालने वाले कलेक्टर व सीईओं जिपं. इन सब से परे हटकर विकास को कागजों में नहीं बल्कि हकीकत में बदलने में जुटे हुये हैं।

बाइक से कर रहे दौरा
जिले का कमान संभालने के बाद कलेक्टर नीलकंठ टेकाम अपने अधिनस्त अधिकारियों के साथ लगातार जिले के अंदरूनी इलाकों में निर्माण कार्यो के निरीक्षण के साथ ही इन इलाकों में रहने वलो ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाये मुहैया कराने में जुटे हुये हैं। जहां तक सड़क है वहां तक तो सरकारी गाड़ी चल रही हैं, लेकिन इसके बाद दुपहिया में सवार होकर ये अधिकारियों का दल गांवों में पहुंच रहा हैं। और ऐसे ही इलाकों में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर भी आयोजित हो रहे हैं। पिछले दो माह में नक्सल प्रभावित इलाका धनोरा, बयानार में शिविर आयोजित हो चुके हैं और आज भोंगापाल में शिविर आयोजित किया गया हैं। जहां जिला स्तर के हर अधिकारी मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं से अवगत होगें।

गांव को चकाचक करने की तैयारी
अंदरूनी इलाकों के गांवों की तस्वीर बदलने की तैयारी में लगा जिला प्रशासन सरकारी योजनआों के साथ ही जनसहयोग से भी इलाकें में कार्य कराने की योजना बना रहा हैं। शुक्रवार को जिला स्तरीय अधिकारियों का दल फरसगांव के उरदाबेड़ा इलाके के गांवों में अपनी दबिश देकर वहां की मूलभूत अवश्यकताओं को समझ योजना बना रहा हैं। वहीं अधिकारियों का दल फूरसत पाकर गांव के किसी भी झोपड़ीनुमा होटल पहुंच चाय-नास्ता करते देखा जा सकता हैं।

Published on: