बस्तर

मलेरिया से कोमा में मासूम, साथियों ने मंजू को बचाने पाई-पाई जोड़कर दिए 10 हजार

मंजू जिस स्कूल में पढ़ती थी वहां के बच्चों ने नगर भ्रमण कर चंदा इकट्ठा किया और यह रकम इलाज को लिए उसके पिता रामेश्वर रजक को दी।
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Updated: 17 Nov 2017, 10:18 PM IST
पीडि़त छात्र के साथियों ने जान बचाने पाई-पाई जोड़कर इकट्ठा किया हजारों रुपए
पीडि़त छात्र के साथियों ने जान बचाने पाई-पाई जोड़कर इकट्ठा किया हजारों रुपए

पीडि़त छात्र के साथियों ने जान बचाने पाई-पाई जोड़कर इकट्ठा किया हजारों रुपए
केशकाल .
दो माह से जिंदगी और मौत के बीच झूल रही धनोरा स्कूल की छात्रा मंजू रजक को बचाने अब लोग सामने आने लगे हैं। मंजू जिस स्कूल में पढ़ती थी वहां के बच्चों ने नगर भ्रमण कर दस हजार रुपए का चंदा इकट्ठा किया और यह रकम मंजू के इलाज को लिए उसके पिता रामेश्वर रजक को दी। इधर मंजू को जन सहयोग से 13 नवंबर को कोंडागांव जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों द्वारा उसे जीवन रक्षक दवाई दी जा रही है । स्थानीय डॉक्टरों का मानना है कि बेहतर उपचार के लिए बाहर ले जाने की आवश्यकता है। पीडि़ता के पिता रामेश्वर ने बताया, पूर्व में पुत्री के इलाज में लाखों रुपए खर्च वह होने से इलाज का खर्च उठाने की स्थिति में वे अब नहीं है।

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मंजू के लिए लोग हो रहे एकजुट
इधर पत्रिका में खबर के प्रकाशित होने के बाद अब लोग मंजू की मदद के लिए सामने आ रहे हैं। अरण्डी, केशकाल, ईरागांव हाई स्कूल, बहीगांव व अन्य स्कूल के छात्र छात्राएं भी सहायता राशि संग्रह करने की कोशिश कर रहे हैं। केशकाल बीईओ इमल सिंह बघेल ने 2000 रुपए, पिश्रामपुरी के गीतेश पांडे ने 11 हजार रुपए, वकील दुर्गेश जोशी ने एक हजार रुपए, पार्षद जीतेंद्र रजक ने 1300 रुपए बच्चे के इलाज के लिए दिए हैं। रायपुर , बिलासपुर व अन्य स्थानों से भी लोग फेसबुक वाटसएप मे अपील पढ़कर मंजू सहायता करने आगे आ रहे हैं।

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अधीक्षिका के खिलाफ जांच शुरू
खबर को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मामले की जांच करने केशकाल एसडीएम टीसी अग्रवाल धनोरा बालिका आश्रम पंहुचे। सहायक आयुक्त शोरी ने अस्पताल पंहुचकर मंजू का हाल जाना।

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