
Motor Vehicle Act: बस्तर में लगातार बढ़ रहे अपराध को रोकने यातायात पुलिस में भी अब वाहनों में काले शीशे अथवा काली फिल्म लगाकर बेखौफ घूम रहे वाहन धारियों को चेतावनी देते हुए काली फिल्म निकालने का फरमान जारी किया है। यातायात पुलिस इस फरमान के बाद बहुत जल्द ही वाहनों के काले शीशे उतरवाए जाएंगे और कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के बाद वाहनों के दुबारा पकड़े जाने पर 2000 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा।
यातायात प्रभारी मधुसूदन नाग ने बताया कि बस, ट्रक, कार, जीप आदि में काले ग्लास या काली फिल्म लगाना गैर कानूनी है। इसके बाद भी कई वाहनों पर काली फिल्म लगाकर घूम रहे हैं। आने वाले दिनों में ऐसे वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई कर जुर्माना वसूलेगी। प्रशासन द्वारा काला शीशा पर प्रतिबंध लगाया गया है।
बावजूद इसके सड़क पर काला शीशा लगे वाहन सड़कों पे सरपट दौड़ रहे हैं। बस्तर में सुरक्षा के मद्देनजर होने वाले अपराध को रोकने काले शीशे वाले वाहनों पर कार्रवाई किया जा रहा है। कारों से हत्या और अपहरण सहित तस्करी के वारदातों को अंजाम दिया जा सकता है। आपराधिक चरित्र वाले लोग अपनी पहचान छिपाने के लिए भी ऐसे वाहनों का उपयोग करते हैं।
लग्जरी बसों और कारों के शीशे में काली फिल्म लगायी जाती है। शहर में ऐसे दर्जनों वाहन चल रहे हैं। यह पूरी तरह गैर कानूनी है। काला शीशा लगे वाहनों के अंदर क्या हो रहा है, कौन है इसे सड़क पर आने-जाने वाले देख नहीं सकते हैं। काला शीशा लगे वाहनों पर सवार अपराधी अपराध को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते हैं। कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई के आभाव में शहर में काला शीशा वाले व्यवसायिक और निजी वाहन बेखौफ देखे जा सकते हैं।
Motor Vehicle Act: केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 100 के तहत वाहनों की खिड़कियों के शीशे काले या रंगीन नहीं होने चाहिए। नियम के अनुसार वाहनों की खिड़कियों के साइड विंडो शीशा कम से कम 50 प्रतिशत और सामने और पीछे का शीशा 70 प्रतिशत पारदर्शी होना चाहिए। केंद्रीय मोटरवाहन नियमावली, 1989 के नियम ((2)) के तहत वाहनों में लगे काले शीशे को हटाने का प्रावधान है।