
जगदलपुर . अंचल में शनिवार को दूसरे दिन भी अच्छी बारिश हुई है। बारिश और घने बादलों ने गर्मी में मानसून का अहसास करा दिया। बीजापुर में भी ओले गिरेे और तेज बारिश हुई। बारिश से जन जीवन प्रभावित हुआ। दोपहर के बाद से ही सड़कें सुनसान हो गई। तेज बारिश और हवा की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकले।
मध्यप्रदेश व समीपवर्ती क्षेत्रों में चक्रवात बना हुआ है, इसके अलावा एक द्रोणिका पश्चिमी राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड व छत्तीसगढ़ के ऊपरी हवाओं में बना हुआ है। इसका असर आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। शहर का अधिकतम तापमान 35.1 और न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। आसमान में लगातार काले बादल आ रहे हैं। बारिश का असर पूरे बस्तर संभाग में पड़ रहा है।
गर्मी से मिल रही राहत
शहर में घने काले बादल आने से लोगों को गर्मी में बारिश से राहत मिल रही है। ओले गिरने के बाद से लोगों के घरों में एसी, कूलर बंद हो गए हैं। तेज ठंडी हवाएं चल रही है। इस वर्ष मार्च में तापमान 37 व 36 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है।
कहीं जंपर कटे, तो कहीं तारों में गिरे डंगाल
बारिश शुरू होते ही बिजली गुल होना शुरू हो गया। जिला मुख्यालय में कई घरों में 7-8 घंटों तक विद्युत बंद रही। वृंदावन कॉलोनी का फीडर में जंपर कट गया और तार पर पेड़ की डंगाल गिर गई। इससे देर रात तक बिजली नहीं पहुंची थी। 11 केवी के लाइन में फाल्ट आने की वजह से भी शाम 7 बजे तक कई घरों में बिजली नहीं पहुंची थी। बिजली बंद होने से पावर हाउस में लगभग 70 शिकायतें दर्ज की गई। पावर हाउस में लगातार फोन की घंटी बजती रही। इसे बनाने के लिए पर्याप्त कर्मचारी भी उपलब्ध नहीं थे। कुम्हारपारा, प्रतापगंजपारा, शांतिनगर, हाटकचोरा, धरमपुरा रोड, गुरू गोविंद सिंह वार्ड, नया पारा में बिजली गुल रही। लोग विद्युत व्यव्स्था बहाल होने का इंतजार करते रहे। पिछले कुछ दिनों से मौसम बिगडऩे व गरज के साथ तेज हवा चलने की वजह से शहर में बिजली भी बार-बार बंद हो रही है।
10 अप्रैल तक रहेगी यह स्थिति
मौसम विभाग के प्रभारी आरके सोरी ने बताया कि द्रोणिका और चक्रवात के असर से मौसम बदला है, 10 अप्रेल तक रहेगा। प्रदेश के विभिन्न भागों में गरज चमक के बारिश हो सकती है।
आम और गेहूं की फसल पर असर
लगातार हो रही बारिश का असर आम और गेहूं की फसल पर पड़ेगा। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि फसल पकने वाले हैं, वहीं पेड़ों में छोटे छोटे आम आ चुके हैं, इसकी पैदावार भी प्रभावित होगी।