बस्ती

BSNL में नौकरी दिलाने के नाम पर 72 लाख की ठगी, ठगों को बचाने के लिये नामचीन दे रहे पीड़ितों को धमकी

यूपी के बस्ती जिले में सामने आया बड़ा फ्रॉड, बीएसएनएल में नौकरी दिलाने के नाम पर कई युवाओं से ठगे 72 लाख रुपये।
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Fraud
फ्राड

बस्ती. शहर कोतवाली इलाके में जालसाजों ने बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 82 लाख रुपये ठग लिए। जब नौकरी और पैसा दोनों में से कुछ भी नही मिला तो ठगे गए युवाओं ने जालसाजों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्जकर एक जालसाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दावा किया जा रहा है कि जालसाज की तरफ से शिकायतकर्ताओं को नामचीन लोग धमकी दे रहे हैं। धमकी देने वालों में एक हिस्ट्रीशीटर और सांसद हरीश द्विवेदी का भाई भी शामिल बताया गया है।


कोतवाली पुलिस के मुताबिक आरोप है कि तुरकहिया निवासी दो सगे भाई विनय तिवारी और विवेक तिवारी बेरोजगार युवाओं को बीएसएनएल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम हड़प लेते थे। उन्होंने बताया कि जालसाज बस्ती और आसपास के जिलो में करीब एक दर्जन युवाओं को मूूर्ख बनाकर अभी तक 82.10 लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं। ठगी की बात तब सामने आई जब संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद के रहने वाले पंकज राय भी इनके जाल में फंस गए। आरोपित भाइयों ने पंकज से भी मोटी रकम नौकरी दिलाने के नाम पर ली थी। कई महीने तक जालसाजों ने उसे झांसे में रखा।


आरोप है कि इसके बाद पैसा वापस मांगने पर उसे धमकी दी जाने लगी। पीड़ित युवक को जब ठगे जाने का आभास हुआ तो उसने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने बताया कि पंकज की शिकायत पर आरोपितों पर सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर दर्ज कर जालसाज विनय तिवारी को अरेस्ट कर लिया गया, जबकि उसके भाई की तलाश जारी है।

पीडित ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि उनके कुछ परिचितों ने उनकी मुलाकात तुरकहिया मोहल्ला निवासी विनय तिवारी से कराई थी। विनय तिवारी की ओर से बताया गया कि उसके भाई विवेक तिवारी ने सेल्स टैक्स विभाग तमाम लोगों को नौकरी दिलवाई है। वह भी 11 लाख रुपये दें तो उन्हे भी नौकरी मिल जाएगी। तकरीबन डेढ़ साल पहले विश्वास कर उसने विनय तिवारी को कई किश्तों में 11 लाख रुपये दे दिया। अब तक न तो नौकरी मिली और न ही उसकी रकम वापस की गई।


बस्ती आकर जब उसने जानकारी की तो पता चला कि आरोपित ने अपने भाई के नाम पर अन्य लोगों से भी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये लिए हैं। इनमें प्रवेश कुमार से 3,40000 रुपये, अभिजीत सिंह से 70,000 रुपये, ओरीजोत के दिवाकर सोनकर से 400000 रुपये, जिला अस्पताल के निकट रहने वाले अखिलेश शुक्ल से 500000 रुपये, अजय राय से 950000, मनहनडीह की शांती देवी से 10,00000 रुपये, बड़हलगंज गोरखपुर के कृष्ण कुमार मिश्र से 900000 रुपये, डारीडीहा निवासी सुरेशचंद्र चौधरी से 200000 रुपये, डुमरी निवासी पंकज से 1000000 रुपये, दिग्विजय से 950000 रुपये, पिपरी निवासी रामसंवारे से 800000 रुपये शामिल है। एएसपी पंकज पांडे० ने बताया कि मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपित विनय तिवारी और विवेक तिवारी के विरुद्ध धोखाधड़ी, रकम हड़पने और जानमाल की धमकी देने की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में दोबारा पीडित युवको ने धमकी देने का आरोप लगाया जा रहा है. जिस की जांच कराकर कडी कार्यवाही होगी।
By satish Srivastava

Published on:
06 Aug 2018 10:17 am
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