
स्वामी प्रसाद मौर्य (फाइल फोटो- पत्रिका)
राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी (Rashtriya Shoshit Samaj Party) के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) के भगवान हनुमान और भगवान राम को लेकर दिए गए बयानों ने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है। गाजीपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मौर्य ने कहा कि भगवान राम और हनुमान दोनों ही धरती पर पैदा हुए थे, इसलिए वे धरती पर ही रहेंगे। स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा- स्वामी प्रसाद मौर्य शुरू से ही सनातन विरोधी रहे हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने बस्ती दौरे के समय तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- स्वामी प्रसाद मौर्य शुरू से ही सनातन विरोधी रहे हैं। वे भगवान पर टिप्पणी करके तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं। उनकी पृष्ठभूमि भी ऐसी ही रही है, जिसका परिणाम यह हुआ कि वे आज इतिहास की गुमनामी में हैं। जगदंबिका पाल ने कहा कि स्वामी प्रसाद जहां भी बयान देते हैं, अपनी पहचान भगवान पर अमर्यादित टिप्पणी देकर बनाना चाहते है। इसका नतीजा उनके सामने है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने गाजीपुर में भगवान हनुमान पर बयान दिया था। उन्होंने हनुमान जी द्वारा सूर्य को निगलने वाली कथा पर सवाल उठाते हुए कहा- सूर्य पृथ्वी से 13 लाख गुना बड़ा है। धरती पर पैदा हुआ एक छोटा-सा बंदर सूर्य को कैसे निगल सकता है? यह अज्ञानता है। मौर्य ने आगे कहा कि किसी एक व्यक्ति ने शोर मचा दिया कि हनुमान जी ने सूर्य निगल लिया और लोग उसे मानने लगे। स्वामी प्रसाद ने वैज्ञानिक तथ्यों का हवाला देते हुए बताया कि सूर्य की किरणें पृथ्वी पर आने पर लोग पसीने से भीग जाते हैं और छिपने की जगह ढूंढते हैं।
सूर्य और पृथ्वी के बीच दूरी 80 लाख करोड़ किलोमीटर से ज्यादा है, ऐसे में एक बंदर द्वारा उड़कर सूर्य को निगलने का दावा कैसे संभव है? मौर्य ने भगवान बुद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई बात किताबों में लिखी है तो उसे अंधे से मत मानो, पहले गहन चिंतन करो, प्रयोग करो और जब सत्य लगे तभी मानो।
स्वामी प्रसाद मौर्य इसके पहले अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले पर भी टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि मंदिर से करोड़ों रुपए, चांदी और सोना लुटेरों ने चुरा लिया और भाग गए। भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पा रहे हैं तो आप लोगों की रक्षा कैसे करेंगे? मौर्य ने कहा था कि जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह दूसरों की रक्षा कैसे करेगा?
यदि राम में सच्ची शक्ति होती तो चोर मंदिर में चढ़ावा चुराते समय ही जलकर भस्म हो जाते। चोरों का बाल भी बांका नहीं हुआ, यह उनकी असलियत है। मौर्य के इन बयानों के बाद विपक्षी दलों और सनातन समर्थकों ने नाराजगी जताई है, जबकि सियासी गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है।
Updated on:
25 Jun 2026 06:22 pm
Published on:
25 Jun 2026 05:51 pm
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