
जिला कारागार बस्ती फाइल फोटो (सोर्स- बस्ती पुलिस X अकाउंट)
योगी सरकार ने उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी के इलाज के लिए बड़ा फैसला लिया है। हत्या के मामले में जेल में बंद 41 वर्षीय कैदी राजेश चौहान को लीवर की गंभीर बीमारी है। इसके इलाज और ट्रांसप्लांट के लिए यूपी सरकार ने करीब 14 लाख रुपए मंजूर किए हैं। अब SGPGI लखनऊ में उसका इलाज चल रहा है।
बस्ती जिले के हरैया थाना क्षेत्र के महुघाट गांव के रहने वाले राजेश चौहान हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। अदालत से दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें 17 मई 2025 को जेल भेजा गया था। जेल पहुंचने के कुछ समय बाद ही उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी।
जांच में पता चला कि वह लीवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। पहले उनका इलाज जिला अस्पताल में कराया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें कैली अस्पताल और फिर गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के राम मनोहर लोहिया संस्थान और केजीएमयू में भी भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य में ज्यादा सुधार नहीं होने पर अब उन्हें एसजीपीजीआई लखनऊ में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों ने जांच के बाद साफ कहा कि राजेश की जान बचाने के लिए लीवर ट्रांसप्लांट ही आखिरी विकल्प है। इस सर्जरी, दवाओं और इलाज पर लगभग 14 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन और शासन ने पूरा खर्च उठाने का निर्णय लिया है।
जेल प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि कैदी होने के बावजूद हर व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है। इसी सोच के तहत राजेश के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी जा रही है। इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में विशेष व्यवस्था की गई है। लीवर ट्रांसप्लांट के लिए डोनर की जरूरत होती है। इसे लेकर जेल प्रशासन ने राजेश के परिवार से संपर्क किया है। स्वजन को अंगदान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई है। उनसे आगे आने की अपील की गई है। अब परिवार के किसी सदस्य के डोनर बनने पर राजेश को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद बढ़ सकती है।
Updated on:
29 May 2026, 9:46 PM IST
Published on:
29 May 2026, 9:46 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.