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सर्दियों में फैब्रिक का ध्यान रखकर फैशन के साथ पाएं सेहत

सर्दियों में कुछ फैब्रिक का ध्यान रखकर आप फैशन के साथ सेहत भी पा सकते हैं।
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Oct 28, 2018
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सर्दियों में कुछ फैब्रिक का ध्यान रखकर आप फैशन के साथ सेहत भी पा सकते हैं।

सर्दी की शुरुआत के साथ ही वार्डरोब बदलने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। फैशन के शौकीन लोगों को अब ऐसे डिजाइनर परिधान चाहिए, जो उन पर अच्छे लगें और हैल्थ फ्रैंडली भी हों। सर्दियों में कुछ फैब्रिक का ध्यान रखकर आप फैशन के साथ सेहत भी पा सकते हैं।

लिनेन
फ्लैक्स के पौधे से बना लिनेन चमकदार और मुलायम होता है। इसमें सोखने की क्षमता बहुत होती है। यह प्राकृतिक रूप से एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण रखता है। इससे बॉडी में रेशेज और एलर्जी नहीं होती है। यह विद्युतरोधी (एंटी स्टेटिक) होता है। इस फैब्रिक में रोएं नहीं होते, जिससे एलर्जी भी नहीं होती है। यह शरीर का तापमान नियंत्रित करता है और नमी को सोख लेता है। इससे पुरुषों के लिए शॉट्स, शर्ट, हैट्स और महिलाओं के लिए स्कर्ट, टॉप, पैंट और जैकेट्स तैयार होते हैं।

सिल्क
सर्दियों में कपड़े जल्दी धुल नहीं पाते ऐसे में सिल्क के कपड़े अच्छा ऑप्शन हो सकते हैं क्योंकि इनका टैक्सचर और कंपोजिशन बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता। सर्दियों के कपड़े तैयार करने के लिए डिजाइनर सिल्क के साथ कॉटन मिक्स करते हैं। सिल्क की साड़ियों के अलावा स्कर्ट्स, जंपसूट, नाइट सूट और ब्राइडल आउटफिट भी पसंद किए जाते हैं।

बैंबू फैब्रिक
सर्दियों में ऑर्गेनिक फैब्रिक का डिजाइनर्स खूब प्रयोग करते हैं। बैंबू फैब्रिक भी इसमें शामिल हैं। सर्दियों में यह बहुत गर्म रहता है। बैंबू प्लांट के पल्प से यह फैब्रिक बनाया जाता है। यह ठंडी वाष्प को सोखने की क्षमता रखता है। बैंबू फैब्रिक में 50बार धुलाई के बाद भी हाइजेनिक पदार्थ बने रहते हैं।

खादी
खादी ईको फ्रैंडली होने के साथ त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाती। इसके अलावा लेनिन बेस्ट है, जो बॉडी को ब्रीदिंग करने देता है। सिल्क-कॉटन मिक्स, 60-80 ग्राम क्रेप सिल्क और वेलवेट का प्रयोग होता है। नेचुरल डाई जैसे वेजीटेबल डाई का ऑर्गेनिक फैब्रिक में इस्तेमाल होता है इसलिए विदेशों में इनका चलन बढ़ रहा है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
28 Oct 2018 04:48 pm
Published on:
28 Oct 2018 04:48 pm