Skin Pigmentation: अगर आपको पिग्मेंटेशन है तो पपीता होममेड फेस पैक एक नैचुरल और असरदार तरीका हो सकता है। यह आपकी त्वचा को चमकदार भी बनाए रखेगा।
Skin Pigmentation Removing Tips: पपीता सेहत के लिए जितना फायदेमंद है, उतना ही त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए असरदार है। जी हां, त्वचा पर पपीता फेस पैक लगाने से चेहरे को कई प्रकार से लाभ मिलता है, जैसे पिग्मेंटेशन को दूर करना, अनचाहे बालों को हटाने में मदद करना, मुहांसों को कम करना और त्वचा को निखारना। इसके अलावा, पपीते का उपयोग चेहरे के काले धब्बों, झुर्रियों और झाइयों को भी घटाने में सहायक है। क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स त्वचा को पोषण देते हैं और उसे स्वस्थ बनाते हैं। अगर आपको भी पिग्मेंटेशन है या चेहरे पर कोई अन्य समस्या है, तो आप पपीते का फेस पैक इस्तेमाल कर सकते हैं। यह त्वचा की रंगत को सुधारने के साथ-साथ त्वचा को चमकदार भी बनाता है।
कच्चा दूध नैचुरल क्लींजर है, जो त्वचा की गहराई से सफाई करता है। पपीते के साथ मिलकर यह झाइयों और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है। एक चम्मच कच्चे दूध में तीन चम्मच मैश किया हुआ पपीता डालकर फेस पर लगाएं। कुछ मिनट बाद साफ पानी से धो लें। हफ्ते में 2-3 बार इसका उपयोग करने से त्वचा ज्यादा निखरी और तरोताजा दिखेगी।
चेहरे पर मौजूद झाइयों और दाग-धब्बों को कम करने के लिए पपीता और शहद का पैक बेहद असरदार है। यह खासतौर पर ड्राई स्किन वालों के लिए फयदेमंद माना जाता है। इसके लिए आधा कप पका पपीता मैश करें, उसमें दो चम्मच दूध और एक चम्मच शहद मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं। कबरई 15-20 मिनट बाद पानी से धो लें। इससे त्वचा मुलायम होगी और चेहरे की रंगत में निखार आएगा।
संतरा और पपीता दोनों ही विटामिन सी से भरपूर होते हैं, जो त्वचा को उजला और हेल्दी बनाते हैं। इनके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण स्किन की लालिमा और जलन को कम करने में मदद करते हैं। एक पके पपीते को मैश करें और उसमें 5-6 संतरे के टुकड़ों का रस मिला लें। तैयार मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद मिनट बाद धो लें। हफ्ते में दो बार इस्तेमाल से टैनिंग, डार्क स्पॉट और पिग्मेंटेशन की समस्या में राहत मिल सकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।