साकेतनगर थाना क्षेत्र के सेंदड़ा रोड स्थित सोहननगर में सेवानिवृत्त शिक्षक दंपती की नृशंस हत्या के मामले का पुलिस ने दूसरे ही दिन खुलासा कर दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात लूट के उद्देश्य से अंजाम दी गई।
ब्यावर (अजमेर)। साकेतनगर थाना क्षेत्र के सेंदड़ा रोड स्थित सोहननगर में सेवानिवृत्त शिक्षक दंपती की नृशंस हत्या के मामले का पुलिस ने दूसरे ही दिन खुलासा कर दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात लूट के उद्देश्य से अंजाम दी गई। पुलिस ने इस मामले में एक युवक व घरेलू नौकरानी को डिटेन किया है, जबकि नौकरानी के नाबालिग बेटे-बेटी को निरुद्ध कर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने बताया कि रविवार शाम को विनोद कुमार शर्मा और उनकी पत्नी पूर्णिमा शर्मा की हत्या की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही साकेतनगर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल टीम को बुलाया गया, जिसने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमें गठित कर जांच शुरू की गई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए।
जांच के दौरान पुलिस का शक घर में काम करने वाली नौकरानी पर गया। पूछताछ में सामने आया कि नौकरानी को दंपती के अकेले रहने की जानकारी थी, जबकि उनके बच्चे बाहर रहते हैं। इसी जानकारी के आधार पर उसने लालच में आकर अपने बेटे-बेटी और राहुल परिहार के साथ मिलकर लूट की साजिश रची।
योजना के तहत आरोपियों ने दंपती की हत्या कर दी और घर का सामान बिखेर दिया, ताकि घटना को किसी अन्य रूप में पेश किया जा सके। पुलिस के अनुसार आरोपी बड़ी रकम और जेवर लेकर फरार होने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें पकड़ लिया गया।
राहुल परिहार, जो मूलतः भैसाना (सोजत रोड) का निवासी है और वर्तमान में सेंदड़ा रोड स्थित गायत्री नगर में रह रहा था, को भी डिटेन किया गया है। उसके खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घर से कितनी नकदी व जेवरात ले जाए गए, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।
पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
आरोपियों को प्रदेश से बाहर भागने से पहले पकड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के नेतृत्व में साकेतनगर थानाधिकारी जयपाल सिंह जैतावत, गणपत राम और जैतारण पुलिस उपाधीक्षक सतेंद्र सिंह नेगी सहित कई टीमें सक्रिय रहीं। त्वरित कार्रवाई के चलते पुलिस को रात में ही आरोपियों को डिटेन करने में सफलता मिल गई। मामले में आगे की पूछताछ जारी है।