
भगवतदयाल सिंह
ब्यावर जिला बनने के बाद अब पहली जिला परिषद के चुनाव को लेकर गांवों में सियासी हलचल तेज हो गई है। जिला परिषद के 27 वार्डों के लिए होने वाले चुनाव में जिले के आठ लाख से अधिक मतदाता मताधिकार का उपयोग करेंगे। सात पंचायत समितियों, 216 ग्राम पंचायतों और 2060 वार्ड पंचों के चुनाव से जिले में पंचायतीराज की नई तस्वीर आकार लेगी।
ब्यावर जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के आरक्षण की प्रक्रिया 23 सितंबर को पूरी होने के बाद संभावित दावेदारों और राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। जिले में पहली बार गठित होने जा रही जिला परिषद के 27 सदस्य ग्रामीण क्षेत्र के विकास और पंचायती राज व्यवस्था में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इनके साथ सात पंचायत समिति प्रधान, 129 पंचायत समिति सदस्य, 216 सरपंच और 2060 वार्ड पंच चुने जाएंगे।
जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पद की आरक्षण लॉटरी निकलने के साथ ही दावेदारों ने क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। संभावित उम्मीदवार अनुकूल क्षेत्र तलाशने और सामाजिक समीकरणों को साधने में जुट गए हैं। जिले की सात पंचायत समितियों के प्रधान पदों में तीन पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
ब्यावर जिले की पंचायती राज व्यवस्था में सात पंचायत समितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इनमें जवाजा पंचायत समिति की 28 ग्राम पंचायतों के कुल 232 वार्ड हैं। नरबदखेड़ा पंचायत समिति की 30 ग्राम पंचायतों के वार्डों को मिलाकर कुल 250 वार्ड हैं।
इसी तरह जिले की अन्य पंचायत समितियों में भी आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थानीय स्तर पर दावेदारों की सक्रियता बढ़ी है। ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन के बाद चुनाव होने से कई क्षेत्रों में पंचायतों की भौगोलिक तस्वीर भी बदली है।
चुनाव की आहट के साथ भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों ने भी जमीनी फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के संभावित दावेदार पार्टी स्तर पर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं।
राजनीतिक दल स्थानीय स्तर पर सामाजिक समीकरण, पिछले चुनावों में प्रदर्शन, क्षेत्र में सक्रियता और संभावित उम्मीदवारों की स्थिति को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं। पार्टियों द्वारा चुनाव संयोजक और प्रभारी नियुक्ति की कवायद भी शुरू की जा रही है।
पंचायतराज चुनाव के बाद ब्यावर जिले में गांव की चौपाल से लेकर जिला परिषद तक नई नेतृत्व व्यवस्था सामने आएगी। 216 सरपंच ग्राम पंचायतों का नेतृत्व करेंगे, 129 पंचायत समिति सदस्य सात पंचायत समितियों का प्रतिनिधित्व करेंगे और 27 जिला परिषद सदस्य जिला स्तर की पंचायती राज संस्था में पहुंचेंगे।
इनके बीच से प्रधान और जिला प्रमुख का निर्वाचन होने के बाद जिले की ग्रामीण राजनीति का नया नेतृत्व सामने आएगा। ब्यावर जिले की भौगोलिक और सामाजिक विविधता भी जिला परिषद की नई तस्वीर में नजर आएगी। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों बोली, सामाजिक-सांस्कृतिक विविधताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधि नई जिला परिषद और पंचायत समितियों में नजर आएंगे।
चुनाव कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों की जानकारी को अपडेट करने, मतदाता सूची, मतदान केंद्रों और चुनावी व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां चल रही है।