
Rajasthan News : अजमेर के ब्यावर में एसिड टैंकर खाली करते समय हुई नाइट्रोजन गैस के लीक होने से कंपनी मालिक सहित 3 व्यक्तियों की मौत हो गई। इसमें 2 की हालत गंभीर है। गैस असर से इलाके के जानवर भी परेशान हो गए हैं। इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने फैक्ट्री के नजदीक के कई घरों को खाली करवाया दिया है। मामला अजमेर शहर के ब्यावर के बलाड रोड सादों का बाडिया में तेजाब फैक्ट्री में सोमवार देर शाम को नाइट्रिक एसिड से भरे टैंकर को खाली करते समय गैस लीक हो गई। इसके बाद क्षेत्र के लोगों की आंखों में जलन, उल्टियां एवं सांस लेने में तकलीफ होने लगी। क्षेत्र में अफरा-तफरी का मच गई। इस घटनाक्रम से लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। सांस लेने में तकलीफ होने पर करीब 60 से अधिक पीड़ितों को राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जहां करीब 14 व्यक्तियों को ऑक्सीजन लगाई गई। अन्य पीड़ितों का भी उपचार चल रहा है।
बताया जा रहा है इस दर्दनाक हादसे में अभी तक तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। कंपनी मालिक सुनील सिंघल (47 वर्ष) भी इस दुर्घटना के शिकार हो गए। सुनील सिंघल पूरी रात गैस को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे। पर अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अजमेर जेएलएन हॉस्पिटल रेफर किया गया था। इलाज के दौरान सोमवार रात को ही उनकी मृत्यु हो गई। इसके अतिरिक्त मंगलवार सुबह नरेंद्र सोलंकी (40 वर्ष) और दयाराम (52 वर्ष) की भी मृत्यु हो गई। जेएलएन में 2 मरीज अब भी गंभीर हालत में एडमिट हैं।
उधर प्रशासन ने तेजाब फैक्ट्री सीज कर लोगों का जीवन संकट में डालने को लेकर मामला दर्ज किया है, वहीं रिसाव पर काबू पा लिया गया। टैंकर चालक बाबूलाल ने बताया कि गुजरात से नाइट्रिक एसिड का टैंकर लाकर खाली कर रहे थे। इस दौरान अचानक टैंकर से गैस रिसाव शुरू हो गया। रिसाव रोकने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ ही देर में गैस आस-पास की कॉलोनियों तक पहुंच गई। लोगों की आंखों में जलन एवं सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
सूचना मिलने पर पुलिस उपअधीक्षक राजेश कसाना मय जाप्ता एवं दमकल मौके पर पहुंच गई। गैस पर रिसाव काबू पाने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलने पर जिला कलक्टर महेन्द्र खडगावत, पुलिस अधीक्षक श्यामसिंह भी अस्पताल पहुंचे। पीड़ितों के उपचार को लेकर विशेष व्यवस्थाएं करवाई गईं।
रिसाव के कारण सांस लेने में तकलीफ होने पर 14 व्यक्तियों को ऑक्सीजन लगाई गई। इनमें 6 महिलाएं, 5 बच्चे एवं 3 पुरुष शामिल हैं। देर रात तक क्षेत्र के लोगों की आंखों में जलन व सांस लेने में तकलीफ के मामले सामने आ रहे थे।