
बेमेतरा. अनचाहा गर्भ वैध तरीके से हटाने के लिए जिला अस्पताल में पदस्थ महिला चिकित्सक द्वारा रुपए मांगने का मामला सामने आया है। जहां महिला के परिजनों ने संबंधित महिला चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर सिविल सर्जन को आवेदन सौंपा है। वहीं महिला चिकित्सक का कहना है कि आया, नर्स को देने के लिए पैसा लिया जाता है। वे कम पैसा मांग रही हैं, उनसे पूर्व में पदस्थ महिला चिकित्सक उनसे ज्यादा पैसा ले रही थीं।
मामला नवागढ़ निवासी आवेदक का है, जो अपनी पत्नी के दो माह का गर्भधारण होने पर साफ कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा था। महिला की मंगलवार को जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर बुधवार को उपचार के लिए बुलाया गया था।
महिला के पति ने बताया कि ड्यूटीरत महिला चिकित्सक ने अनचाहे गर्भ साफ कराने के लिए 3 हजार रुपए की मांग की। राशि देने में असमर्थता जताने पर जिला अस्पताल में करीब 6 घंटे तक इंतजार करने के बावजूद इलाज नही किया गया। नतीजतन महिला चिकित्सक व उच्च अधिकारी की बेरूखी के कारण बैरंग लौटना पड़ा।
बताना होगा कि अनचाहे गर्भ को साफ कराने को लेकर महिला चिकित्सकों द्वारा पैसा मांग किए जाने की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। जहां परिजनों के सामने नहीं आने की स्थिति में कार्रवाई के अभाव में महिला चिकित्सकों के हौसले बुलंद है। जहां मांग पूरा नहीं होने की स्थिति में गरीब परिवार की महिलाओं को बैरंग लौटा दिया जा रहा है।
अब महिला के परिजन के महिला चिकित्सक डॉ. निधी मेश्राम के खिलाफ नामजद शिकायत किए जाने के बाद सिविल सर्जन डॉ एसके पाल ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है। बताना होगा कि बीते तीन महीनों के भीतर में गर्भ साफ करने के करीब 20-25 प्रकरण जिला अस्पताल में किए गए हैं।
इन प्रकरणों की बारीकी से जांच की जाती है, तो बड़े खुलासे होंगे। आर्थिक हितों के फेर में कायदे-कानून को ताक पर रखकर अवैध तरीके से गर्भ साफ किया गया है। जिसमें अविवाहित व नाबालिग युवती शामिल हैं।
महिला चिकित्सक डॉ. निधि मेश्राम ने बताया कि इस तरह के प्रकरणों में सभी अस्पताल में पैसा लिया जाता है। आया, नर्स सहित अन्य कर्मचारियों को पैसा देने के लिए परिजन से पैसा लिया जाता है। मैं तो कम ले रही हूं। पूर्व में पदस्थ महिला चिकित्सक के द्वारा मुझसे अधिक पैसे लिए जा रहे थे। सिविल सर्जन डॉ. एसके पाल ने बताया कि मामले में शिकायत मिली है, दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की जांच के पश्चात आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गर्भपात के यह नियम
1. नजदीकी सरकारी अस्पताल में पंजीयन कराना
2. एएनसी टेस्ट कराया जाना।
3. जांच में रिपोर्ट पॉजीटीव आने में चिकित्सक से सलाह लेना।
4. 2-3 माह का गर्भ होने पर ही महिला की स्वीकृति से साफ कराए जाना।
5. नाबालिग व अविवाहित युवती के गर्भ साफ करने के लिए प्रथम सूचना संबंधित थाना में देने के बाद न्यायालय के आदेश पर किया जाना