बेमेतरा

शिवनाथ के उफान से बेमेतरा बेहाल, 150 से अधिक गांवों में मीठे पानी का संकट, 6 गांवों में ब्लैकआउट

Bemetara Floo: बेमेतरा जिले में शिवनाथ नदी समेत अन्य नदियों के उफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बेमेतरा और साजा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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Sep 28, 2026
Shivnath River Flood
शिवनाथ के उफान से बेमेतरा बेहाल (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Bemetara Water Crisis: बेमेतरा और साजा अनुभाग क्षेत्र में मूसलाधार बारिश और शिवनाथ नदी सहित अन्य नदियों के जलस्तर में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी ने भारी तबाही मचाई है। ऊपरी क्षेत्रों से लगातार आ रहे पानी के तेज प्रवाह के कारण निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने से कई गांवों का संपर्क कट चुका है, जबकि सैकड़ों एकड़ खेत और मकान जलमग्न हैं। नदियों के उफान पर होने के कारण जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए कई क्षेत्रों में सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे पूरे अनुभाग में नागरिक सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

छह गांवों में बिजली आपूर्ति बंद

बाढ़ के मद्देनजर विद्युत विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से बहेराघाट, तुमा, करमसेन सहित छह प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। जेई मनीष शुक्ला और जेई पीभटनागर के अनुसार साजा क्षेत्र के मुरपार खुर्द में ट्रांसफार्मर पूरी तरह जलमग्न होने से ब्लैकआउट की स्थिति है। वहीं देवसरा और लाटा में स्थिति नियंत्रित होने के बाद बिजली बहाल कर दी गई है। निचले इलाकों में कई ट्रांसफार्मर पानी में डूबे हैं। उपकरण और केबल क्षतिग्रस्त होने से विभाग को लाखों रुपए के नुकसान की आशंका है।

समूह नल जल योजना बिजली अवरोध के कारण ठप

बाढ़ का सबसे व्यापक असर क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है। नदियों का जलस्तर अचानक बढऩे से जिले की तीनों प्रमुख पेयजल आवर्धन योजनाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। इंटेक वेल और प्रोजेक्ट साइट्स के पानी में डूब जाने से 150 से अधिक गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बंद हो चुकी है। अकेले बेमेतरा समूह योजना से जुड़े 35,000 से अधिक कनेक्शन ठप हैं, जबकि साजा, नवागढ़ और बेमेतरा ब्लॉक को मिलाकर कुल 1 लाख से अधिक नल कनेक्शन प्रभावित हुए हैं। शिवनाथ नदी किनारे बने समूह पर जल योजना का सप्लाई यूनिट पानी में डूबा सब स्टेशन में भी पानी भर गया है। पंप हाउस और विद्युत केबलों में तकनीकी खराबी आने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

जलस्तर घटने के बाद शुरू होगी मरम्मत

अधिकारियों के अनुसार जलभराव के कारण मेंटेनेंस टीमें फिलहाल कई स्थानों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। जलस्तर सामान्य होने के बाद केबल मरम्मत, ट्रांसफार्मर जांच और पंपों की टेस्टिंग का काम शुरू किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अगले दो दिनों में व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने की संभावना कम है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।

दिव्या पोटाई, एसडीएम के मुताबिक, बेमेतरा अनुविभागी क्षेत्र में 27 गांव बाढ़ प्रभावित है दोनों बेमेतरावत दाढ़ी तहसील में 75 मकान को आंशिक नुकसान पहुंचाने की जानकारी सामने आई है।

केके साहू, एसडीएम के मुताबिक, साजा अनुविभागीय क्षेत्र आने वाले देवकर थान खमरिया साजा तहसील के 15 गांव बाढ़ प्रभावित है नुकसान का आकलन अभी किया जाना बाकी है।

Updated on:
28 Sept 2026 01:42 pm
Published on:
28 Sept 2026 01:42 pm