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छत्तीसगढ़ में बढ़ने वाला है बस किराया! यातायात महासंघ ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, जानें वजह

Bus Fare Increase Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। डीजल के बढ़ते दाम और संचालन लागत में लगातार इजाफे का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने सरकार से किराया बढ़ाने की मांग की है।
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Jul 25, 2026
Chhattisgarh bus strike
बस किराया बढ़ाने की मांग(फोटो सोर्स- AI)

Chhattisgarh Bus Fare Hike: छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने डीजल के दामों में लगातार वृद्धि और यात्री किराए में की गई कटौती के विरोध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ ने बस किराए में 75 व 30 फीसद बढ़ोतरी करने की मांग करते हुए मांग न मानने पर तीन अगस्त को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

महासंघ का आरोप है कि परिवहन विभाग ने 11 मार्च 2025 की अधिसूचना के तहत बस किराए में लगभग 25 प्रतिशत की कटौती कर दी है। विभाग ने इसके पीछे उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला दिया था, जबकि न्यायालय ने केवल चिल्हर की समस्या सुलझाने के लिए किराए को राउंड फिगर में तय करने का निर्देश दिया था। फिलहाल महासंघ आंदोलन करने की तैयारी कर रहा है।

विभाग ने आदेश का त्रुटिपूर्ण अर्थ निकालकर किराए को घटा दिया

महासंघ का कहना है कि उच्च न्यायालय ने किराया कम करने का कोई आदेश नहीं दिया था लेकिन विभाग ने आदेश का त्रुटिपूर्ण अर्थ निकालकर किराए को घटा दिया, जिससे बस संचालकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। महासंघ ने बताया कि सितंबर 2021 के बाद से बीते 5 वर्षों में बसों के चेचिस, बॉडी निर्माण, डीजल, टायर, बीमा, स्पेयर पाट्र्स और चालक-परिचालकों के वेतन में भारी वृद्धि हो चुकी है। इसके साथ ही शासन द्वारा वीएलटीडी स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन, रेडियम पट्टी और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसे सुरक्षा उपकरण अनिवार्य करने से बस संचालन का व्यवसाय काफी खर्चीला और अलाभप्रद हो गया है। वर्तमान में 90 प्रतिशत से अधिक बस संचालक आर्थिक तंगी से बदहाल हैं।

Chhattisgarh Bus Fare Hike: बैठक के बावजूद नहीं निकला समाधान

महासंघ के अनुसार 5 महीने पहले परिवहन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बावजूद कोई समाधान नहीं निकाला गया, जिससे निराश होकर बस संचालक अब गाडिय़ां खड़ी करने पर मजबूर हो रहे हैं। महासंघ ने मांग रखी है कि 30 सितंबर 2021 के राजपत्र को आधार बनाकर साधारण बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डिलक्स बसों के किराये में 30 प्रतिशत की वृद्धि की अधिसूचना तुरंत जारी की जाए। इसके अलावा महाराष्ट्र की तर्ज पर डीजल के मूल्यों में उतार-चढ़ाव के अनुसार किराया तय करने का स्थायी कानून बनाया जाए।

एक दिवसीय धरना का दिया अल्टीमेटम

महासंघ ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि 31 जुलाई तक किराया वृद्धि नहीं की जाती तो 3 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय बस स्टैंडों पर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि 14 अगस्त तक निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे छत्तीसगढ़ में अनिश्चितकालीन बस संचालन बंद कर दिया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी।

Updated on:
25 Jul 2026 11:50 am
Published on:
25 Jul 2026 11:49 am