बेमेतरा

सरकारी नौकरी के नाम पर 4 लाख की ठगी, शातिर ने युवक को ऐसे फंसाया जाल में, आरोपी पर मामला दर्ज

Fraud News: सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 4 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने ऊंची पहुंच और पक्की नौकरी का भरोसा दिलाकर युवक को अपने जाल में फंसाया और किस्तों में रकम वसूल ली।
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Updated: 8 Apr 2026, 4:38 PM IST
Bilaspur Fraud Case
ठगी (फोटो सोर्स- Freepik)

CG Fraud News: सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर भोले-भले युवाओं को ठगने वाले गिरोह और व्यक्ति सक्रिय हैं। बेमेतरा के वार्ड नंबर 05 के निवासी सिद्धार्थ साहू (23 वर्ष) के साथ नौकरी लगाने के नाम पर 4,00,000 (चार लाख) रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोपी ताराचंद राठौर के विरुद्ध धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी ने पीड़ित के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए किस्तों में उससे मोटी रकम वसूल ली और अब संपर्क काट दिया है।

ऑनलाइन और नकद माध्यम से ली गई रकम

भरोसे में आकर सिद्धार्थ ने अपने पिता से बात किया और रुपयों का इंतजाम होने पर किस्तों में भुगतान किया। बैंक स्टेटमेंट के अनुसार, 11 अगस्त 2025 को यूपीआई के माध्यम से 90,000 रुपये भेजे गए। इसके बाद 25 अगस्त 2025 को बैंक के खाते से दो बार में 50,000 और 35,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। शेष 2,00,000 रुपये की मांग करने पर, जब प्रार्थी ने मना किया तो आरोपी ने पहले दिए गए पैसे डूबने की धमकी दी। डर के मारे सिद्धार्थ ने 29 अक्टूबर 2025 को अपने पिता से उधार लेकर नकद राशि आरोपी को सौंप दी।

दोस्ती की आड़ में रची गई साजिश

घटनाक्रम की शुरुआत पीड़ित सिद्धार्थ साहू और आरोपी के पुत्र योगेन्द्र सिंह राठौर की मित्रता से हुई। दोनों ग्रीन वैली में एक ही रूम में पार्टनर के तौर पर रहते थे और साथ पढ़ाई करते थे। इसी दौरान आरोपी ताराचंद राठौर का अपने पुत्र से मिलने आना-जाना होता था, जिससे सिद्धार्थ की पहचान उससे हुई। आरोपी ने सिद्धार्थ के विश्वास का फायदा उठाते हुए दावा किया कि उसकी ऊंची पहुंच है और वह उसकी सरकारी नौकरी लगवा सकता है, जिसके बदले उसने नगद 4 लाख रुपये की मांग की।

आरोपी की वादाखिलाफी और पीड़ित परिवार हो रहा है प्रताडि़त

पूरी रकम वसूलने के बाद आरोपी ताराचंद राठौर ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। नौकरी तो दूर, अब वह सिद्धार्थ का फोन तक नहीं उठा रहा है और न ही पैसे वापस करने की बात कर रहा है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि पैसा उसके पिता ने दूसरों से कर्ज लेकर चुकाया था, जिसके कारण अब पूरा परिवार गंभीर आर्थिक संकट और मानसिक तनाव से गुजर रहा है।

आरोपी की इस छल-कपट भरी हरकत के खिलाफ प्रार्थी ने न्याय की गुहार लगाई है ताकि उसकी डूबी हुई राशि वापस मिल सके और दोषी को कड़ी सजा मिले। उसने प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ धारा 318 (4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।

Updated on:
8 Apr 2026, 4:38 PM IST
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