
Bemetara labour payment: @ संजय दुबे। राज्यपाल के गोद ग्राम के रूप में चयनित बेमेतरा जिले के टेमरी गांव में विकास कार्यों के भुगतान को लेकर संकट सामने आया है। गांव में अस्पताल के समीप बन रहा अतिरिक्त भवन और अटल डिजिटल केंद्र का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों और मटेरियल सप्लायरों को पिछले करीब चार माह से भुगतान का इंतजार है। भुगतान नहीं मिलने से मजदूरों ने काम रोक दिया है और निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, इन विकास कार्यों के लिए शुरुआत में सिर्फ एक किश्त की राशि जारी की गई थी। इसके बाद अगली राशि नहीं मिलने से निर्माण से जुड़े लोगों का भुगतान अटक गया। अब स्थिति यह है कि जिन मजदूरों ने अपनी मेहनत से निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया, उन्हें अपनी मजदूरी के लिए बार-बार संबंधित लोगों से संपर्क करना पड़ रहा है।
टेमरी में अस्पताल के निकट अतिरिक्त भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा अटल डिजिटल केंद्र के लिए भवन भी बनाया जा रहा है। दोनों निर्माण कार्यों का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। हालांकि, भुगतान नहीं होने के कारण निर्माण से जुड़े मजदूरों और सामग्री उपलब्ध कराने वाले लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों का कहना है कि काम पूरा करने के बाद मेहनताना मिलना उनका अधिकार है, लेकिन कई महीनों से भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है। निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने वाले लोग भी अपनी बकाया राशि के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
गांव में 18 नग वाटर रिचार्ज के लिए गड्ढे बनाने का काम करने वाले मजदूरों की स्थिति भी ऐसी ही है। मजदूरों को भुगतान का इंतजार है। बताया गया कि कई मजदूर रोजाना अपने बैंक खाते में राशि आने की उम्मीद में खाते की जांच करवा रहे हैं। काम पूरा करने के बावजूद भुगतान लंबित होने से मजदूरों के सामने रोजमर्रा के खर्च चलाने की परेशानी खड़ी हो रही है। वहीं, स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
भुगतान को लेकर ग्राम पंचायत टेमरी के सरपंच और जनपद पंचायत के सीईओ ने भी यह स्वीकार किया है कि निर्माण कार्य के लिए अब तक केवल एक किश्त की राशि प्राप्त हुई है। अगली राशि नहीं मिलने के कारण भुगतान लंबित होने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब निर्माण कार्यों के लिए राशि समय पर उपलब्ध नहीं होगी तो मजदूरों और सामग्री सप्लायरों का भुगतान कैसे होगा। भुगतान अटकने का सीधा असर निर्माण कार्यों की गति पर भी पड़ रहा है।
टेमरी को राज्यपाल के गोद ग्राम के रूप में चयनित किए जाने के बाद यहां विकास कार्यों को लेकर उम्मीदें बढ़ी थीं। गांव में बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग कार्य कराए जा रहे हैं। लेकिन अब भुगतान संकट के कारण मजदूरों और सप्लायरों के परेशान होने की स्थिति सामने आई है।
करीब डेढ़ साल बाद भी यदि राज्यपाल के गोद ग्राम में विकास कार्यों से जुड़े मजदूरों को महीनों तक भुगतान का इंतजार करना पड़े, तो यह व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब स्वीकृत राशि समय पर जारी हो और काम करने वाले मजदूरों व सप्लायरों को उनका भुगतान भी समय पर मिले।
फिलहाल मजदूर और मटेरियल सप्लायर लंबित भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बावजूद भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से कामकाज प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर है कि अटकी हुई अगली किश्त कब जारी होती है और मजदूरों व सप्लायरों का बकाया भुगतान कब तक किया जाता है।