
Bemetara School News: बेमेतरा में शिक्षा का अलख जगाने वाले शिक्षक ही अब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। यहां सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने के पश्चात शिक्षक स्कूल से नदारद रहते हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार का 16 जून से वीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही। ताजा मामला साजा विधानसभा के ग्राम हेड़सपुर स्थित प्राइमरी व मिडिल स्कूल का है। यहां ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के बाद शिक्षक स्कूल से गायब मिले। ग्रामीणों की शिकायत पर पत्रिका टीम का पड़ताल के लिए स्कूल पहुंचने पर व्यवस्था की पोल खुल गई।
इस दौरान स्कूल से दो शिक्षक नदारद मिले। इस संबंध में स्कूल में उपस्थित शिक्षक एवं संस्था प्रमुख से जानकारी लेने पर अलग-अलग बयान सामने आए। स्पष्ट है कि यहां एक-दूसरे की गड़बडिय़ों को छिपाने का खेल चल रहा है। शिक्षकों के इस रवैये को लेकर ग्रामीणों मे खासी नाराजगी है व दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
मिडिल स्कूल के शिक्षक लक्ष्मण वर्मा की हरकत ने भी सबको हैरान कर दिया। वे सुबह स्कूल आए, ऑनलाइन हाजिरी लगाई और फिर गायब हो गए। जब उनके बारे में पूछा गया तो बताया गया कि वे अपने गांव बोरिया टी-शर्ट बदलकर शर्ट पहनने गए हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या मास्टर साहब को स्कूल पहुंचने के बाद याद आया कि वे टी-शर्ट पहनकर आ गए हैं? सबसे ताज्जुब की बात तो यह रही कि जब तक पत्रिका की टीम स्कूल में मौजूद रहने तक वापस लौटे थे।
शिक्षाविद डॉ. बसुबंधु दीवान का मानना है कि वीएसके ऐप जैसे डिजिटल कदम पारदर्शी व्यवस्था के लिए सराहनीय हैं, लेकिन तकनीक का दुरुपयोग रोक पाना केवल ऑनलाइन हाजिरी से संभव नहीं है। जब तक जमीनी स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारियों के औचक निरीक्षण एवं कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शिक्षक ऐसे बचने के रास्ते निकालते रहेंगे। ऑनलाइन हाजिरी लगाकर गायब होना सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। दोषी शिक्षकों के खिलाफ केवल कारण बताओ नोटिस जारी करने के बजाए वेतन कटौती व अनुशासनात्मक कार्रवाई जैसी कार्रवाई जरूरी है।
पत्रिका टीम की पड़ताल में प्राइमरी स्कूल के शिक्षक हुकेश पटेल ड्यूटी से गायब मिले। इस संबंध में स्कूल की महिला सहकर्मी ने कहा कि हुकेश पटेल ने फोन पर मौखिक अवकाश की बात कही। दूसरी तरफ, प्राचार्य ने शिक्षक के किसी भी प्रकार के अवकाश की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। संस्था प्रमुख और स्टाफ के विरोधाभासी बयानों से स्पष्ट है कि व्यवस्था में हर स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है और तरह-तरह के बहाने बनाकर एक-दूसरे का बचाव किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार प्राइमरी स्कूल के शिक्षक हुकेश पटेल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के बाद पास के गृह ग्राम डंगनिया में अपने खेत में कृषि कार्य करने चले गए। पत्रिका टीम जब मामले की पड़ताल करने स्कूल पहुंची, तो यहां मौजूद अन्य शिक्षकों ने तुरंत फोन करके संबंधित शिक्षक को सूचना दी। सूचना मिलते ही शिक्षक आनन-फानन में सुबह करीब 10.28 बजे लोअर और टी-शर्ट पहनकर स्कूल पहुंच गया।
ग्राम हेडसपुर स्थित प्राइमरी व मिडिल स्कूल की जमीनी हकीकत परखने के लिए पत्रिका की टीम सुबह स्कूल खुलने के समय से लेकर 11 बजे तक पूरे 4 घंटे तक मौके पर डटी रही। इस दौरान ऑनलाइन हाजिरी लगाकर गायब रहने वाले शिक्षकों की पोल खुल गई। इस संबंध में सवाल करने पर संबंधित शिक्षकों के सहकर्मी उनका बचाव करते दिखे। जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
शिक्षकों को वीएसके ऐप से ऑनलाइन हाजिरी और स्कूल छूटते समय बायोमेट्रिक डिवाइस दर्ज कराना अनिवार्य है। नियम अनदेखी या हाजिरी न होने पर उपस्थिति शून्य मानी जाएगी। सभी अवकाश का आवेदन व स्वीकृति ऑनलाइन पोर्टल से ही होगी। ऑफलाइन अवकाश पूर्णत: प्रतिबंधित है, इसे स्वीकृत करने वाले अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
डिजिटल उपस्थिति या अधिकृत अवकाश दर्ज न होने पर पूरे माह का वेतन रुक सकता है। बिना वेरिफिकेशन वेतन जारी करने पर संवितरण अधिकारी (डीडीओ) जिम्मेदार होंगे।
इस संबंध में जांच के लिए विभाग के अधिकारियों को स्कूल भेजा जाएगा, जांच कर प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अभय जायसवाल, डीईओ बेमेतरा
यह गलत है, बच्चों की पढ़ाई से समझौता नहीं किया जाएगा। शिक्षक नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराए। नियमों की कमी का दुरुपयोग ना करें, इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी से लिखित शिकायत की जाएगी।
टकेश्वर पटेल, सरपंच हेड़सपुर
संबंधित शिक्षकों को कई बार समझाइए दी गई है। इस संबंध में अपने उच्च अधिकारी को अवगत कराया जाएगा।
तिजुराम पाटिल, हेड मास्टर पीएस हेड़सपुर