बेमेतरा

देखिए शिक्षा मंत्री जी, प्री बोर्ड Exam में इस जिले के 40 फीसदी बच्चे हो गए हैं फेल

24 से 31 जनवरी तक हुआ था प्री बेार्ड एग्जाम, 25 दिन बाद भी विभाग नहीं बना पाया सुधार के लिए एक्शन प्लान
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Updated: 25 Feb 2018, 7:35 AM IST
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बेमेतरा. जिले में बोर्ड परीक्षा की तैयारी व स्कूलों में शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए किसी तरह का प्रयास नहीं किया जा रहा है। विभाग द्वारा संचालनालय के आदेश पर प्री बोर्ड परीक्षा लिया गया था। जिसके बाद से आज तक जिला कार्यालय के पास स्कूलों में पढ़ाई के स्तर से संबंधित कोई भी आंकड़ा नहीं है और न ही कमजोर स्कूलों को सुधार के लिए नोटिस दिया गया है।

एक सप्ताह बाद शुरू हो जाएगी 10 वीं, 12 वीं बोर्ड की परीक्षाएं
ज्ञात हो कि प्री बोर्ड एग्जाम में बच्चों की शैक्षिक स्तर की खामियां उभरकर सामने आई है। जिसमें शिक्षा विभाग के दांवों की पोल खुल गई है। हैरत की बात यह है कि एक सप्ताह बाद 10 वीं, 12 वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो जाएगी। लेकिन शिक्षा विभाग अब तक प्री-बोर्ड की रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाया है। जहां विभाग प्री बोर्ड में बच्चों के शिक्षा स्तर को सुधारने की बजाए विभाग के अधिकारी बोर्ड परीक्षा की तैयारी में व्यस्तता का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं और एक-दो दिन में प्री बोर्ड का डाटा तैयार करने की बात कह रहे हैं। जबकि वास्तविकता कुछ और ही बंया कर रही है।

ज्यादातर स्कूलों में 40 प्रतिशत बच्चे फेल
पत्रिका टीम द्वारा शहर सहित आसपास गांवों के दर्जनभर स्कूलों में हुई प्री बोर्ड शिक्षा गुणवत्ता की रिपोर्ट की पड़ताल करने पहुंची। जहां ज्यादातर स्कूलों में 40 प्रतिशत बच्चे फेल नजर आए। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी के अंत में प्री बोर्ड की परीक्षा आयोजित की गई। जिसमें जिले के 73 हाईस्कूलों में से 40 स्कूलों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग के पास पहुंची है।

वहीं जिले के 88 हायर सेकंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। जहां अभी तक केवल 30 स्कूलों के संस्था प्रमुखों ने रिपोर्ट विभाग को भेजी है। इधर विभाग की कमजोरियां भी उजागर हुई है। विभाग के द्वारा अब तक इसकी रिपोर्ट नहीं बनाई गई है।

विभाग कर रहा हाईस्कूल के 33, हायर सेकंडरी के 58 स्कूलों को नोटिस देने का झूठा दावा
बोर्ड परीक्षा को 10 दिन ही शेष बचे हुए हैं। इधर जिले के 91 हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल के संस्था प्रमुखों ने प्री बोर्ड की रिपोर्ट विभाग को नहीं भेजी है। जिस पर शिक्षा विभाग द्वारा शालाओं के संस्था प्रमुखों को नोटिस जारी करने का दावा किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी एके भार्गव ने बताया कि जिले के 33 हाईस्कूल व 58 हायर सेकंडरी स्कूल के संस्था प्रमुखों ने प्री-बोर्ड एग्जाम की रिपोर्ट नहीं भेजी है।

जिसे 28 फरवरी तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी किया गया है। समयावधि पर जानकारी नहीं भेजने पर संबंधित संस्था प्रमुखों पर कार्रवाई की जाएगी। पत्रिका द्वारा 3 हायर सेकंडरी स्कूलों के शिक्षकों से मुलाकात कर विभाग द्वारा प्री-बोर्ड एग्जाम के बाद किए गएं प्रयासों का सच जाने का प्रयास किया गया। जिसमें नाम न बताने की शर्त पर बताया कि उनके स्कूल में प्री-बोर्ड का रिजल्ट गणित मे 100 अंक में से 25 से 30 तक आकर सिमट गया है।

जिसकी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को प्रस्तुत किया गया है पर सुधार के लिए किसी प्रकार का मार्गदर्शन नहीं आया है। जिसे देखते हुए हम स्वयं अतिरिक्त कक्षा लेकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं, उन्हें नोटस दिया गया है। विभाग के जिम्मेदार से जिन स्कूलों को नोटिस दिया गया है, उनकी जानकारी मांगी गई पर प्रभारी कारूणिक ने बता पाने में असमर्थता जाहिर कर दी।

मानिटरिंग का अभाव, स्कूलों में नहीं लगी एक्स्ट्रा क्लास
बताना होगा कि प्री बोर्ड एग्जाम के बाद ऐसे स्कूल जहां बच्चों का शिक्षा स्तर कमजोर है। उनके शिक्षा स्तर में सुधार लाने के लिए एक्स्ट्रा क्लास लगाना था, लेकिन विभाग ने ऐसे स्कूलों में एक्स्ट्रा क्लास लगाना मुनासिब नहीं समझा। वहीं इन स्कूलों की मॉनीटरिंग भी नहीं की गई। इस संबंध में विभाग के अधिकारियों से कमजोर शाला के बच्चों की शिक्षा स्तर मे सुधार की स्थिति के बारे मे पूछने पर वे जवाब देने से बचते रहे। जिसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। जहां विद्यार्थी आगे की कक्षा में पहुंचकर फेल हो रहे हैं। परिणाम स्वरूप इससे बच्चों की शिक्षा स्तर में लगातार गिरावट आ रही है।

ज्यादातर बच्चे गणित, अंग्रेजी व विज्ञान में कमजोर
पत्रिका टीम द्वारा स्कूलों में पड़ताल करने पर विभाग की कमजोरी उजागर हुई है। जहां ज्यदातर स्कूलों में मानिटरिंग का अभाव देखा गया है। खास बात यह है कि हाल ही में हुए प्री बोर्ड एग्जाम में 50 प्रतिशत बच्चे प्री बोर्ड एग्जाम में फेल हुए है। बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता के स्तर में सुधार लाने के लिए गणित, विज्ञान व अंग्रेजी को फोकस करना था लेकिन कोई प्रयास नहीं हुए।

जबकि शासन द्वारा इन विषयों में शिक्षा गुणवत्ता लाने के लिए फोकस करने के निर्देश दिए गए थे। शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिक्षा गुणवत्ता को लेकर विभाग द्वारा एक्स्ट्रा क्लास लगाने के नाम पर केवल वाहवाही लूटी जा रही है। चूंकि स्कूलों में पहले से शिक्षक का अभाव है। जहां शिक्षा में सुधार की बात तो दूर कोर्स ही बड़ी मुश्किल से पूरा हो पाता है।

अतिरिक्त क्लास लगाया गया
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी एके भार्गव ने कहा कि प्री-बोर्ड एग्जाम के बाद शैक्षिक सुधार के लिए अतिरिक्त क्लास लगाया गया था। किन-किन स्कूलों में किन-किन विषयों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गई इसकी जानकारी प्रभारी कारुणिक ही दे पाएंगे। प्री-बोर्ड एग्जाम की रिपोर्ट बोर्ड परीक्षा में व्यस्तता के कारण तैयार नहीं हो पाई है। जो एक-दो दिन में तैयार हो जाएगी। 91 संस्था प्रमुखों को 28 फरवरी तक प्री-बोर्ड एग्जाम की रिपोर्ट भेजने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

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