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Water Crisis: छत्तीसगढ़ के 54 गांवों में गहराया जलसंकट, सरकारी योजना के दावों की निकली हवा

Water Crisis in chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के नवागढ़ क्षेत्र में समूह जल आवर्धन योजना महज एक महीने में ठप हो गई है, जिससे 54 गांवों में भीषण जलसंकट गहरा गया है।
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बेमेतरा

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Love Sonkar

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Updated: 22 Oct 2026, 4:54 PM IST

Water Crisis

शिवनाथ नदी में बना इंटकवेल (Photo Patrika)

Water Crisis in chhattisgarh: शिवनाथ में कटाव व् बहाव की दिशा बदलने से खारा पानी प्रभावित गांवों को मीठा पानी पहुंचाने वाली समूह जल प्रदाय योजना संकट में है। वर्ष 2018 में शुरू हुई योजना के तहत नांदघाट के पास इंटकवेल और ग्राम अड़ार में फिल्टर प्लांट बनाया गया था। बलौदाबाजार जिले के लिमतरा क्षेत्र में नदी किनारे रेत के अवैध उत्खनन से कटाव बढऩे व बहाव बदलने से इंटकवेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। जुगाड़ व्यवस्था से एक समय ही जलापूर्ति की जा रही है।

आठ साल में एनीकट का संधारण नहीं

नांदघाट निवासी लेखराम वर्मा ने नदी की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि जहां कभी 20 से 30 फीट पानी रहता था, वहां अब लोग चप्पल पहनकर चल रहे हैं। उन्होंने एनीकट के संधारण, तटबंध निर्माण और स्थायी जल संरक्षण उपायों की जरूरत बताई। टंकियों की सफाई पर उठे सवाल: नवागढ़-छितापार टंकी के पास रहने वाले टिंकू ने छह साल से सफाई नहीं होने की बात कही। छेरकापुर के देवादास चतुर्वेदी ने भी सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने नदी संरक्षण, नियमित टंकी सफाई और स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग की है।

रिकॉर्ड में 54 गांव, कई जगह पानी की किल्लत

योजना के रिकॉर्ड में 54 गांवों को फिल्टर पानी देने की जानकारी है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार कई गांवों में नियमित आपूर्ति नहीं हो रही। करमन, धोबनी, ठेंगा भाठ और रिसा अमली सहित प्रभावित गांवों में परेशानी बनी हुई है। बिजली बिल का भुगतान नहीं होने से क्लोरीन कक्षों की बदहाली का भी दावा किया गया है।

जल संसाधन से किया जा रहा संपर्क

इंटकवेल तक पानी लाने के लिए हम जल संसाधन विभाग के नियमित संपर्क में हैं। यह सच है कि जल संकट के कारण एक वक्त ही पानी दे पा रहे हैं, पानी टंकियों की सफाई कराई जाएगी।

जेपी गोड
कार्यपालन अभियंता, पीएचई बेमेतरा