
100 साल पुराना पुल (photo Patrika)
Bemetara Ancient Construction: अंग्रेजों के दौर की इंजीनियरिंग का नमूना, चूना-सुर्खी और तराशे पत्थरों से बनी मजबूती आज भी बरकरार। तस्वीर में दिख रहा यह पुल कोई आधुनिक कांक्रीट का स्ट्रक्चर नहीं, लगभग 116 साल पुराना पत्थर का पुल है। शिवनाथ नदी पर बना यह पुल आज भी अपनी मजबूती और बनावट के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। जब आज के बने बड़े-बड़े पुल 10 से 15 साल में दरारें छोड़ देते हैं, तब यह सवा सौ साल पुराना पुल आज भी मजबूती के साथ खड़ा है।
स्थानीय नागरिक लेख राम वर्मा ने बताया कि उनके दादा इस निर्माण के साक्षी थे। वे पंद्रह पैसे प्रतिदिन में इस पुल में बतौर श्रमिक कार्य किए थे। वर्मा के अनुसार इस पुल का निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ। इसमें लोहे और सीमेंट का उपयोग न के बराबर है। इसके बाद एनएच ने एक नया पुल बनाया था जो कुछ साल में ही अनुपयोगी हो गया जो आज भी है जिसमें शराबियो की महफिल सजती है। बाद मे दो अन्य पुल निर्माण के समय इस पुराने पुल के ऊपरी हिस्से का मरम्मत किया गया है। आज भी भारी वाहन आसानी से आ-जा रहे हैं। वर्मा ने कहा कि नांदघाट में नदी तट विकास की असीम संभावनाएं हैं जो रायपुर बिलासपुर मार्ग में यात्रा करने वाले लोगों को एक पड़ाव दे सकती है।
आर्च पद्धतिपुल में अर्ध-गोलाकार आर्च (मेहराब) बनाए गए हैं। इससे पानी का बहाव तेज होने पर भी दबाव बंट जाता है और पुल को नुकसान नहीं पहुंचता। नदी के दोनों किनारों से लाए गए बलुआ पत्थरों को हाथ से तराश कर एक के ऊपर एक जमाया गया है।
जोडऩे के लिए उस दौर के चूना, सुर्खी, गुड़ और उड़द की दाल के मिश्रण का उपयोग हुआ है, जो आज के सीमेंट से भी ज्यादा मजबूत साबित हो रहा है। नींव का कमाल बिना किसी आधुनिक मशीन के नदी के भीतर गहरी नींव देकर इसे खड़ा किया गया था। नदी में पानी होने के बावजूद पुल के ऊपर बड़ा हाइवा ट्रक और यात्रियों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली आसानी से गुजर रही है, जो इसकी उपयोगिता को प्रमाणित कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि विरासत है। प्रशासन को इसकी ऐतिहासिक धरोहर के रूप में सुरक्षा और संरक्षण करना चाहिए। साथ ही नए पुल के साथ-साथ इस पुराने पुल की मजबूती का अध्ययन कर नई पीढ़ी के इंजीनियरों को इसकी तकनीक से अवगत कराना चाहिए।
Updated on:
23 Oct 2026, 12:29 PM IST
Published on:
23 Oct 2026, 12:29 PM IST
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