
Bemetara incident: ग्राम मोहतरा के हेमबंद खार में रविवार सुबह ट्रांसफार्मर फटने से खौलते तेल की चपेट में आए तीन किसानों की रायपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे में झुलसे राधेश्याम चंद्राकर (50), उनके बेटे छन्नू चंद्राकर (32) और ईश्वर पटेल (62) ने पांच दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष किया, लेकिन शुक्रवार को तीनों ने दम तोड़ दिया। एक ही गांव के तीन किसानों की मौत से मोहतरा में मातम और सन्नाटा पसरा है।
रविवार सुबह करीब 8.30 बजे राधेश्याम चंद्राकर और उनके बेटे छन्नू खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान खेत के पास लगा विद्युत ट्रांसफार्मर तेज धमाके के साथ फट गया। ट्रांसफार्मर का गर्म तेल दूर तक छिटका और उसकी चपेट में दोनों बुरी तरह झुलस गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को बेमेतरा अस्पताल पहुंचाया। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें रायपुर रेफर कर दिया। इसी हादसे में पास के खेत में मौजूद किसान ईश्वर पटेल भी खौलते तेल से गंभीर रूप से झुलस गए थे।
रायपुर में उपचार के दौरान शुक्रवार को राधेश्याम और उनके बेटे छन्नू की मौत हो गई। देर शाम दोनों के शव मोहतरा पहुंचे। लगातार बारिश के बीच गमगीन माहौल में पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार किया गया। एक ही परिवार से एक साथ दो अर्थियां उठने से पूरा लोधी पारा शोक में डूब गया। छन्नू अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गए। पिता और भाई को एक साथ खोने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि हादसे को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन या बिजली विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी पीडि़त परिवारों का हाल जानने गांव नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने हादसे के लिए बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए नाराजगी जताई है। हालांकि ट्रांसफार्मर में विस्फोट किस तकनीकी कारण से हुआ और हादसे के लिए किसी की जिम्मेदारी बनती है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
हादसे के तीसरे पीडि़त 62 वर्षीय किसान ईश्वर पटेल की भी शुक्रवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। उनके बेटे प्रकाश पटेल के अनुसार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शनिवार को मोहतरा में अंतिम संस्कार किया जाएगा। शव गांव पहुंचने का परिजन इंतजार कर रहे हैं। ईश्वर पटेल की मौत की खबर से पटेल परिवार में भी मातम पसरा है।