बेमेतरा

ये क्या, जिला अस्पताल में गर्भवती महिला की होने वाली थी नसबंदी

नसबंदी ऑपरेशन शिविर में जांच में हुई गड़बड़ी, ऑपरेशन के पहले गर्भवती होने का संदेह होने पर डॉक्टर ने कराया सोनोग्राफी
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Updated: 5 Aug 2018, 6:25 AM IST
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ये क्या, जिला अस्पताल में गर्भवती महिला की होने वाली थी नसबंदी

बेमेतरा . जिला हॉस्पिटल में नसबंदी ऑपरेशन शिविर में जांच में गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। गलत रिपोर्ट के आधार पर महिला का ऑपरेशन की तैयारी थी, इस दौरान महिला के गर्भवती होने का संदेह हुआ। इसकी सोनोग्राफी कराई गई। जिसमें उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे वापस भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार जिला हॉस्पिटल मे शुक्रवार को नसंबदी ऑपरेशन शिविर के दौरान पंजीकृत महिला धनेशिया निषाद तिलाई कुडा को ऑपरेशन के लिए थियेटर ले जाने के बाद चीरा लगाने के दौरान संदेह होने पर महिला का सोनो ग्राफी टेस्ट कराया गया, जिसमे धनेशिया को 12 सप्ताह का गर्भ होने की पुष्टि हुई। जिसके बाद ट्यूब बंद करने की प्रकिया को रोक कर महिला को टांके लगाकर लौटा दिया गया।
चार बार कराई जांच, दो बार निगेटिव व दो बार पॉजिटिव आई रिपोर्ट
हॉस्पिटल पं्रबधन की ओर से महिला का चार बार प्रेग्नेंसी टेस्ट किया गया जिसे दो में पॉजिटिव व दो में निगेटिव रिपोर्ट सामने आई थी। अंतिम बार प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया जिसमे गर्भ नहीं होने की रिपोर्ट आई, जिसके बाद ऑपरेशन की तैयारी की गई थी। लेकिन सोनोग्राफी रिपोर्ट में पता चलने पर उसे लौटा दिया गया।
7 दिन बाद होगी जांच
सावधानी बरते जाने के कारण गर्भवती महिला का नसंबदी ऑपरेशन से बचने के मामले पर सीएस डॉ एसके पाल ने बताया कि महिला के सभी रिपोर्ट का अध्ययन किया गया है। जिसमे अंतिम रिपोर्ट संदेहजनक है। पर समय पर सोनोग्राफी कराने से गर्भ में होने का पता चलते ही नंसबदी नहीं किया। महिला को आवश्यक दवा दी गई है। साथ ही 7 दिनों मेें जांच कारने के लिए कहा गया है।

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