
गिधवा-परसदा में विदेशी मेहमान (Photo Source- Patrika)
Migratory Birds: सर्दी की शुरुआत के साथ ही नवागढ़ ब्लॉक के प्रसिद्ध गिधवा-परसदा पक्षी विहार में विदेशी प्रवासी पक्षियों का आगमन तेज हो गया है। गिधवा जलाशय में मैलार्ड बत्तख का जोड़ा दिखाई देने के बाद अब साइबेरिया से आने वाली छोटी चिडिय़ा साइबेरियन स्टोनचैट (काला पिद्दा) भी नजर आई है। पक्षी मित्र जयंत जायसवाल के अनुसार, लगभग सभी प्रवासी पक्षी विहार में पहुंच चुके हैं। इससे क्षेत्र में पक्षी प्रेमियों और बर्ड वॉचर्स का उत्साह बढ़ गया है।
मैलार्ड बत्तख उत्तर अमेरिका, यूरोप और साइबेरिया जैसे ठंडे क्षेत्रों से सर्दियां बिताने भारत आती है। हरे चमकदार सिर, पीली चोंच व भूरे सीने के कारण आकर्षण का केंद्र रहती है। वहीं, साइबेरियन स्टोनचैट अपनी विशिष्ट बनावट और व्यवहार के लिए पहचानी जाती है।
पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार, तस्वीर में दिखाई देने वाली साइबेरियन स्टोनचैट नर है। इसके काले सिर, गर्दन पर सफेद कॉलर और गहरी नारंगी-भूरी छाती से इसकी पहचान की जाती है। यह साइबेरिया, मध्य एशिया और यूरोप से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर सर्दियों में भारत आती है। इसकी आवाज पत्थरों के टकराने जैसी सुनाई देती है। स्थानीय बर्ड गाइडों के मुताबिक, साइबेरियन स्टोनचैट अक्सर तार, डालियों और झाडिय़ों की ऊंची जगहों पर बैठती है। वहां से उडक़र कीड़े पकड़ती है और फिर उसी स्थान पर लौट आती है। फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को खाकर प्राकृतिक रूप से उनके नियंत्रण में मदद करती है।
गिधवा जलाशय में पर्याप्त जलभराव और शांत वातावरण प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करता है। यहां दुर्लभ प्रजातियों की मौजूदगी क्षेत्र की जैव विविधता को दर्शाती है। स्थानीय लोगों और पक्षी प्रेमियों की मांग है कि गिधवा-परसदा को पक्षी अभयारण्य घोषित कर संरक्षण एवं पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए। इससे क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
Updated on:
29 Oct 2026, 12:33 PM IST
Published on:
29 Oct 2026, 12:33 PM IST
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