
बेमेतरा (बोरतरा). बिजली विभाग की लापरवाही पूरे बोरतरा, सोनपुरी और कुटरू के गांव में देखी जा सकती है, जहां खेतों में 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार मात्र 6 से 7 फीट पर लटक रहे हैं। ग्राम कुटरू में एक किसान तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस चुका है, उसका मेकाहारा रायपुर में इलाज चल रहा है। विभागीय अधिकारी कर्मचारी केवल खानापूर्ति के लिए गांव में ही घूमकर चले जाते हैं। खेतों से गुजरने वाले तार की तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता है। इसका खामियाजा गांव के किसान अपनी जान देकर चुका रहे हैं।
केले के पेड़ पर लटका है तार
ग्राम बोरतरा के किसान राजेश शर्मा के केले के पौधों पर तार लटका हुआ है, जिससे केले को तोडऩे में परेशानी हो रही है, जिससे नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं 12 जून को बिजली विभाग की लापरवाही के कारण साजा ब्लॉक के ग्राम कुटरू के किसान देवनाथ ठाकुर पिता मनहरण ठाकुर बिजली की तार के चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। उसे साजा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उचित चिकित्सा व्यवस्था नहीं होने कारण रायपुर मेकाहारा रेफर किया गया है।
ट्रेक्टर निकालने की कर रहा था कोशिश
यह घटना 12 जून की है जब किसान अपने खेत की जुताई करने ट्रेक्टर को खेत में ले जा रहा था। खेत के मेड़ के ऊपर 6 फीट पर 11 हजार वोल्ट का तार झूल रहा था, जिसे प्लास्टिक डंडे से ऊपर उठाकर ट्रेक्टर निकालने की कोशिश कर रहा था तभी तार डंडे से फिसलकर देवनाथ के ऊपर आ गया, जिससे तुरंत झटके से दूर गिर गया, तब तक बिजली की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस चुका था और बेहोश होकर गिर गया। उसे अन्य किसान कुलेश्वर पटेल ने तुरंत साजा अस्पताल पहुंचाया। अगर बोरतरा व आसपास जैसे सोनपुरी और कुटरू के खेतों से झूलते तार को जल्द नहीं हटाया गया तो कभी भी और बड़ी दुर्घटना हो सकती है। बिजली विभाग की ऐसी लापरवाही के कारण 14 जून को मोहगांव (कवर्धा) में एक लड़की की जान चली गई थी ।