MP News: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में हुए ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी बेटे दीपक धुर्वे को शनिवार को 11 पुलिसकर्मियों की एक टीम बेहोशी की हालत में ग्वालियर लेकर रवाना हुई। ग्वालियर के मानसिक आरोग्य केन्द्र में दीपक का इलाज होगा। पुलिस की हिरासत में भी आरोपी इस कदर उग्र हो गया था कि […]
MP News: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में हुए ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी बेटे दीपक धुर्वे को शनिवार को 11 पुलिसकर्मियों की एक टीम बेहोशी की हालत में ग्वालियर लेकर रवाना हुई। ग्वालियर के मानसिक आरोग्य केन्द्र में दीपक का इलाज होगा। पुलिस की हिरासत में भी आरोपी इस कदर उग्र हो गया था कि उसे काबू में करने के लिए नींद की दवा देने पड़ी। आरोपी दीपक ने अपने माता-पिता और भाई की बेरहमी से हत्या की है। वो बार-बार चीख-चीखकर ये कह रहा है कि 'मैं दैत्य हूं'।
19 फरवरी को पुलिस ग्रामीणों की सूचना पर सांवगा गांव पहुंची थी। यहां रहने वाले राजू उर्फ हंसू धुर्वे के घर का दरवाजा खोलकर जब पुलिस टीम अंदर पहुंची तो मंजर डरा देने वाला था। घर में तीन शव पड़े थे। फर्श और दीवारों पर खून के कतरे बिखरे हुए थे। एक बिल्ली भी मरी पड़ी थी और 5 साल का बच्चा घर में कपड़ों में छिपा हुआ था और पास ही दीपक धुर्वे चुपचाप बैठा हुआ था। उसे देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वो किसी अलग ही दुनिया में था। जो तीन शव मिले थे वो दीपक के पिता राजू धुर्वे, मां कमलती और भाई दिलीप धुर्वे के थे। जिनकी हत्या दीपक ने ही बड़ी बेरहमी से पीट-पीटकर की थी। जो बच्चा कमरे में जीवित मिला है उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है वो अभी भी बुरी तरह से डरा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी दीपक धुर्वे की मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही है। हिरासत में लेने के बाद भी वो काफी उत्तेजित था। उसने माता-पिता और भाई की हत्या करना स्वीकार किया है लेकिन कारण नहीं बताया है। इतना ही नहीं पुलिस कस्टडी में उसने पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने की कोशिश की। वो बार-बार बड़बड़ाता था 'मैं दैत्य हूं..मैं दैत्य हूं'। आरोपी को काबू में करने के लिए उसे नींद की दवा दी गई है और 11 पुलिसकर्मी उसे ग्वालियर लेकर रवाना हुए हैं। ग्वालियर के मानसिक आरोग्य केन्द्र में उसका इलाज किया जाएगा।
ग्रामीणों के मुताबिक आरोपी दीपक धुर्वे पढ़ने लिखने में काफी अच्छा था। वो काफी शांत स्वभाव का भी था लेकिन पिछले कुछ महीनों से वो ये कहता था कि उसके अंदर दैत्य घुस गया है। आरोपी के जीजा सुखचंद धुर्वे ने बताया कि- दीपक दो साल से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। बीते करीब एक साल से उसके दौरे बढ़ गए थे वो चिल्लाता था कि उसके अंदर दैत्य घुस गया, वो ये भी कहता था कि मैं दैत्य हूं। इस दौरान उसकी आवाज बदल जाती थी और आंखें लाल हो जाती थीं। परिवार ने झाड़फूंक भी कराई थी और नागपुर में इलाज भी कराया था।