बैतूल

BLO की ड्यूटी के लिए भेजा 70 KM दूर, प्रशासन के आदेश पर भड़के शिक्षक

MP News: बैतूल में जिला प्रशासन के आदेश से नाराज शिक्षक उग्र हो गए हैं। दिव्यांग और गणित-विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों को 70 किमी दूर बीएलओ बनाने से पढ़ाई पर संकट गहराया।
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Updated: 28 Sep 2025, 9:18 AM IST
teachers protest against blo duty Election Commission mp news
teachers protest against blo duty Election Commission (फोटो- सोशल मीडिया)

Teachers Protest: बैतूल जिला प्रशासन द्वारा चुनाव आयोग के निर्देशों का हवाला देकर दिव्यांग महिला कर्मचारियों और गणित, विज्ञान, अंग्रेजी पढ़ाने वाले शिक्षकों को 70 किलोमीटर दूर तक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) बनाकर भेजा जा रहा है। यह कदम न केवल लोक शिक्षण संचालनालय के आदेशों की अवहेलना है, बल्कि शैक्षणिक व्यवस्था पर भी सीधा प्रहार है कि प्रशासन की यह कार्यप्रणाली माना जा रहा है। (mp news)

बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है असर- शिक्षक

शिक्षकों का कहना अन्यायपूर्ण है और इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा पहले ही स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे कि दिव्यांग कर्मचारियों और गणित, विज्ञान, अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों के शिक्षकों को बीएलओं कार्य (BLO Duty) से मुक्त रखा जाए। इसका कारण यह था कि इन विषयों के शिक्षक शैक्षणिक दृष्टि से अनिवार्य हैं और विकलांग कर्मचारियों को लंबी दूरी तय करना मुश्किल होता है। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने आदेशों की अनदेखी कर दिया। (mp news)

शिक्षकों ने जताई नाराजगी, किया विरोध

प्रशासनिक रवैये से नाराज होकर बड़ी संख्या में शिक्षक गत दिवस जिला मुख्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि दिव्यांग और गणित-विज्ञान विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों को बीएलओ कार्य से तुरंत मुक्त किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि उन्हें बीएलओ नियुक्त करना जरूरी है तो उनकी तैनाती कार्यरत विद्यालय या नजदीकी क्षेत्र में ही की जाए।

शिक्षक नेताओं का कहना है कि चुनाव कार्य के नाम पर दूर-दराज बीएलओ कार्य में लगाने से स्कूलों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होगी। खासतौर पर गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों की पढ़ाई बाधित होगी, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की परीक्षाओं पर पड़ेगा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने अपनी नीति पर पुनर्विचार नहीं किया तो आने वाले दिनों में शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी। (mp news)

अनदेखी हुई तो दिखवाते है- कलेक्टर

मुझे जानकारी नहीं है। वादित बीएलओ बनाए जाने में नियमों की अनदेखी हुई है तो दिखवाया जाएगा। मैं पता करवाता हूं।- नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल

शिक्षकों को बीएलओ से मुक्त किया जाए- जिलाध्यक्ष

लोक शिक्षक संचालनालय आयुक्त के निर्देशों के दरकिनार कर दिव्यांगों की भी बीएलओ में डूयूटी लगा दी गई है। प्रशासन से माग है कि दिव्यांग और विषय प्रमुख शिक्षकों को मुक्त करें।- मदललाल डढोरे, जिलाध्यक्ष आम अध्यापक शिक्षक संघ बैतूल

तीन केस में जानें परेशानी

केस 01: अरुणा बंजारे माध्यमिक शिक्षिका भीमपुर के ग्राम बक्का में पदस्थ हैं। इन्हें आठनेर ब्लॉक के एनखेड़ा में बीएलओ बनाया है. जो लगभग 90 किमी दूर है। अरुणा 60 प्रतिशत दिव्यांग हैं।

केस 02: निर्मला सूर्यवंशी माध्यमिक शिक्षिका ग्राम बिटिया में पदस्थ हैं। इन्हें आठनेर ब्लॉक के ग्राम मांडवी का बीएलओ का बनाया गया है। बिटिया से मांडवी की दूरी करीब 70 किमी दूर है।

केस 03: राजेश प्रजापति भीमपुर के ग्राम मांडवा में माध्यमिक शिक्षक के तौर पर पदस्थ है। इन्हें बैतूल का बीएलओ बनाया गया है। मांडवा से बैतूल की दूरी करीब 70 किमी है। (mp news)

Updated on:
28 Sep 2025, 9:18 AM IST
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