
वाशिंगटन. पेनल्टी टैरिफ पर व्यापारिक तनाव में नरमी के संकेत के बीच अब भारत-अमरीका व्यापार वार्ता पटरी पर आती दिख रही है वहीं अमरीकी राष्ट्रपति डाॅनल्ड ट्रंप के इसी साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में क्वाड शिखर सम्मेलन में आने की उम्मीद बढ़ी है। भारत ने संकेत दिए हैं कि वह अमरीका से तेल खरीद में बढ़ोतरी कर सकता है लेकिन इसके लिए पेनल्टी टैरिफ (25 फीसदी) को खत्म करने की प्राथमिक शर्त रखी जा सकती है। व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने वाशिंगटन गए भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गाेयल ने यह संकेत दिए। भारत फिलहाल अपने कुल तेल आयात का करीब 8 फीसदी तेल अमरीका से खरीदता है। गोयल और विदेश मंत्री एस.जयशंकर इन दिनों अमरीका में हैं। जयशंकर ने भी पेनल्टी टैरिफ पर अपने अमरीकी समकक्षी मार्कों रुबियो से बात की थी।गोयल ने यूएस-इंडिया-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम में कह कि हम अमरीका सहित दुनिया भर से ऊर्जा के बड़े आयातक हैं। हमें आने वाले वर्षों में अमरीका के साथ ऊर्जा उत्पादों के व्यापार में वृद्धि की उम्मीद है। हमारे ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों में वाशिंगटन की भागीदारी की अहमियत होगी जो हमें अमरीका में ऊर्जा सहित विभिन्न माेर्चाे पर असीम संभावनाओं को खोलने में मदद करेगा। भारत सरकार अमरीका द्वारा लगाए गए पेनल्टी टैरिफ को हटाने की मांग कर रही है वहीं ऊर्जा खरीद से व्यापार घाटा कम करने में भी मदद मिलेगी जिसके कारण भारत पर 25 फीसदी पारस्परिक टैरिफ लगाया गया है।
हमें भारत से प्यार: राइट
अमरीकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने भी एक अलग प्रेस वार्ता में कहा कि अमरीका अपने सहयोगी भारत के साथ ऊर्जा सहयोग का विस्तार करना चाहता है, जिसमें प्राकृतिक गैस और कोयला, परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन शामिल हैं। भारत के लोगों की समृद्धि और अवसरों की बढ़ोतरी के कारण ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वह भारत के प्रशंसक हैं और उससे प्यार करते हैं।
जल्द मोदी-ट्रंप की मुलाकात, कश्मीर पर मध्यस्थता से इनकार
अमरीकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी भारत द्वारा ऊर्जा खरीद पर सकारात्मक बातचीत की जानकारी देते हुए कहा कि द्विपक्षीय संबंधों में उथल-पुथल के बावजूद भारत-अमरीका संबंध मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच एक बैठक यथासमय होगी। अगले क्वाड लीडर्स शिखर सम्मेलन की तारीख तय करने के लिए भी बातचीत चल रही है, जो इस साल के अंत में या अगले साल की शुरुआत में हो सकता है। दोनों देशों के संबंधों में बहुत कुछ सकारात्मक होने वाला है।क्वाड शिखर सम्मेलन दिल्ली में प्रस्तावित है और पहले खबरें आईं थी कि ट्रंप का इस सम्मेलन के लिए भारत दौरा टल सकता है। अधिकारी ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन का भारत और पाकिस्तान को एक साथ रखने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने का कोई इरादा नहीं रखता।