भारत

‘ईरान वापस आए तो ठीक, वरना फर्क नहीं पड़ता’- वार्ता विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दिखाए तेवर

Iran US conflict: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप का सख्त बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ईरान चाहे बातचीत के लिए वापस आए या नहीं, उन्हें फर्क नहीं पड़ता।
2 min read
• •
Updated: 13 Apr 2026, 9:29 AM IST
iran us conflict doanld trump reaction after peace talks failure
ईरान के साथ वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान (सोर्स-IANS)

Iran US conflict: हाल ही में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता हुई, जो 21 घंटों तक चलने के बाद भी किसी ठोस नतीजे पर खत्म नहीं हुई। वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका और ईरान दोनों तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई हैं। एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया है कि अमेरिका किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने इस पूरी स्थिति के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है।

मुझे फर्क नहीं पड़ता- डोनाल्ड ट्रंप

एयर फोर्स वन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने साफ कहा कि उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं है कि ईरान वापस आता है या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय ईरान बहुत खराब स्थिति में है और जब उनसे पूछा गया कि क्या बातचीत फिर से शुरू हो सकती है, तो ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं पता। अगर वे वापस आते हैं तो ठीक, नहीं आते तो भी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।”

परमाणु हथियार पर ट्रंप की चेतावनी

वार्ता विफल होने के बाद भी बातचीत के दौरान ट्रंप ने दोहराया कि “ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा। ऐसा किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा।” साथ ही उन्होंने ईरान की सैन्य ताकत पर बड़े दावे किए। उनका कहना है कि ईरान की सेना लगभग खत्म हो चुकी है, उसके मिसाइल काफी हद तक खत्म हो चुके हैं और मिसाइल व ड्रोन बनाने की क्षमता भी काफी कमजोर हो गई है।

होर्मुज पर नाकेबंदी का ऐलान

ट्रंप ने होर्मुज को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह 10 बजे से नाकेबंदी शुरू कर दी जाएगी और कई दूसरे देश भी उनके साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि ईरान अपना तेल न बेच पाए। इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर बताया था कि अमेरिकी नौसेना अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले हर जहाज पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर उसे रोक भी सकती है। ट्रंप ने इस स्थिति को “दुनिया से जबरन वसूली” जैसा बताया। उन्होंने कहा कि अगर कोई देश ईरान को गलत तरीके से पैसे देता है, तो उसे समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा।

ईरान ने भी दी प्रतिक्रिया

ईरान की सरकारी मीडिया का कहना है कि उनके प्रतिनिधियों ने देश के हितों की रक्षा करने की पूरी कोशिश की, लेकिन अमेरिका ने इस तरह की अनुचित मांगें रखी कि बात आगे नहीं बढ़ सकी। इस बयान से साफ है कि दोनों देशों के बीच मतभेद गहरे हैं।

Updated on:
13 Apr 2026, 9:29 AM IST
Published on: